The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 ‘उनसे पूछो… अल-इत्तिहाद के खिलाड़ियों से पूछो’: पूर्व क्लब को अलविदा न कहने पर करीम बेंजेमा का करारा जवाब     🔴 मध्य प्रदेश 2026 में 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आयोजित करेगी     🔴 जापान ने पर्यटकों के बुरे व्यवहार के कारण माउंट फ़ूजी चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल रद्द किया     🔴 RBI ने MSMEs के लिए बिना गारंटी वाले लोन की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया     🔴 RBI ने ग्राहकों को छोटे फ्रॉड से बचाने के लिए तय की 25,000 रुपये की मुआवज़े की सीमा     🔴 हाईकोर्ट ने रिश्वत मांगने वाले वकील को जमानत देने से किया इनकार, कहा – 'अपमानजनक हरकत'     🔴 “कर्नाटक कैबिनेट ने GBA क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 42 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंज़ूरी दी”     🔴 चेल्सी के बॉस लियाम रोज़ेनियर ने आर्सेनल के खिलाफ गुस्से की वजह बताई: 'फुटबॉल में कुछ तौर-तरीके होते हैं'     🔴 जिम्मेदारी लें: HERizon Care के साथ सर्वाइकल कैंसर से बचाव करें     🔴 टेक-इनेबल्ड गुड्स ट्रांसपोर्टेशन MSMEs के लिए लॉजिस्टिक्स लागत कम करती हैं: C-DEP-IIT दिल्ली स्टडी    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

धरती पर सबसे ज़्यादा बात करने वाले जानवर कौन हैं? वैज्ञानिकों ने किया खुलासा

Animals  •  👁 19 views  •  24 Jan 2026
धरती पर सबसे ज़्यादा बात करने वाले जानवर कौन हैं? वैज्ञानिकों ने किया खुलासा
धरती पर जानवरों की आवाज़ों और संचार क्षमताओं पर लंबे समय से वैज्ञानिक अध्ययन हो रहे हैं। हाल ही में एक शोध के अनुसार, सबसे ज़्यादा बात करने वाले जानवरों में कुछ ऐसे प्राणी शामिल हैं जो न केवल संवाद करते हैं, बल्कि जटिल संदेश और भावनाएं भी व्यक्त कर सकते हैं।
शोध के अनुसार, डॉल्फ़िन और गौरैया (parrots) को सबसे अधिक वocal communication करने वाले जीवों में शामिल किया गया है। डॉल्फ़िन अपने समूह में उच्च स्तर के संवाद के लिए जानी जाती हैं। ये अपने साथी डॉल्फ़िन के लिए विशिष्ट ‘नाम’ और संकेत का उपयोग करती हैं। वहीं, तोते और कुछ पक्षी प्रजातियां मानव आवाज़ की नकल करने और विभिन्न शब्दों और ध्वनियों को जोड़कर संदेश बनाने में सक्षम हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जानवरों का संवाद केवल खाने, खतरे या साथी को बुलाने तक सीमित नहीं है। कई प्रजातियां सामाजिक और भावनात्मक संदेश भी देती हैं। उदाहरण के लिए, गिद्ध और व्हेल अपनी आवाज़ के माध्यम से क्षेत्र की जानकारी या सामाजिक स्थिति को व्यक्त करते हैं।
वैज्ञानिकों के लिए यह अध्ययन यह दिखाता है कि जानवरों का मस्तिष्क और संचार प्रणाली कितना विकसित है। इन प्राणियों की आवाज़ और बातचीत की क्षमता इंसानों की भाषा की तरह पूरी तरह नहीं है, लेकिन यह उनके सामाजिक जीवन और जीवित रहने की रणनीति में बेहद अहम भूमिका निभाती है।
कुल मिलाकर, धरती पर सबसे ज़्यादा बात करने वाले जानवर डॉल्फ़िन, तोते और कुछ पक्षी हैं, जो अपने समूह, साथी और पर्यावरण के साथ संवाद स्थापित करने में अद्भुत क्षमता रखते हैं। यह शोध हमें जानवरों की बुद्धिमत्ता और उनके सामाजिक व्यवहार को समझने का नया दृष्टिकोण देता है।