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WhatsApp से AI तक: ऑस्ट्रेलियाई दूत फिलिप ग्रीन बोले—‘कूटनीति में औपचारिकता नहीं, असलियत करेगी राज’

Technology  •  👁 9 views  •  27 Jan 2026
WhatsApp से AI तक: ऑस्ट्रेलियाई दूत फिलिप ग्रीन बोले—‘कूटनीति में औपचारिकता नहीं, असलियत करेगी राज’
ऑस्ट्रेलिया के भारतीय दूत फिलिप ग्रीन ने हाल ही में कूटनीति के बदलते स्वरूप पर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब पारंपरिक औपचारिक कूटनीति का समय धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और उसकी जगह सच्चाई, वास्तविकता और तेज़ संवाद ले रहा है। ग्रीन के अनुसार, डिजिटल तकनीक जैसे WhatsApp, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने कूटनीति की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव ला दिया है।
उनका कहना है कि पहले कूटनीति में पत्राचार, औपचारिक बैठकों और धीमे संवाद पर अधिक भरोसा किया जाता था। लेकिन आज का समय तेज़ निर्णय, त्वरित सूचना और वास्तविक समय संवाद की मांग करता है। व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स ने राजनयिकों को सीधे और तुरंत संवाद करने का अवसर दिया है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो गई है।
ग्रीन ने AI और डेटा एनालिटिक्स का भी ज़िक्र किया, जो कूटनीतिक निर्णयों को सटीक, रणनीतिक और भविष्यसूचक बनाने में मदद कर रहे हैं। उनका मानना है कि अब कूटनीति केवल प्रोटोकॉल और औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रह गई है; बल्कि यह असली परिस्थितियों, सूचना और तेज़ प्रतिक्रियाओं के आधार पर संचालित होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीन का यह बयान दर्शाता है कि विश्व कूटनीति डिजिटल युग में तेजी से बदल रही है। राजनयिक अब सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट कम्युनिकेशन टूल्स का इस्तेमाल करके तेज़ और प्रभावी निर्णय ले रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई दूत के अनुसार, भविष्य की कूटनीति में केवल पृष्ठभूमि जानकारी और औपचारिक बैठकें नहीं, बल्कि सटीक जानकारी, तेज़ संवाद और वास्तविक घटनाओं का सही आंकलन निर्णायक होगा। इस दृष्टिकोण से यह स्पष्ट है कि कूटनीति का चेहरा अब आधुनिक तकनीक और वास्तविक समय संवाद के साथ पूरी तरह बदल चुका है।