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‘असली ज़िंदगी का ZNMD’: सॉफ़्टवेयर इंजीनियर ने बाइक यात्रा रोककर बग ठीक किए, इंटरनेट ने कहा ‘वर्क फ्रॉम हाईवे’

Technology  •  👁 10 views  •  28 Jan 2026
‘असली ज़िंदगी का ZNMD’: सॉफ़्टवेयर इंजीनियर ने बाइक यात्रा रोककर बग ठीक किए, इंटरनेट ने कहा ‘वर्क फ्रॉम हाईवे’
सोशल मीडिया पर हाल ही में एक मज़ेदार और अनोखी कहानी वायरल हो रही है, जिसे लोग ‘असली ज़िंदगी का ZNMD’ यानी “ज़िंदगी न मिलेगी दोबारा” से जोड़कर देख रहे हैं। खबर है एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर की, जो तमिलनाडु के डनुष्कोडी की बाइक यात्रा पर निकला था, लेकिन रास्ते में उसे अपने प्रोजेक्ट के बग्स (सॉफ़्टवेयर में तकनीकी समस्याएँ) का पता चल गया। उसने अपनी बाइक रोककर हाईवे पर ही लैपटॉप खोलकर बग्स को ठीक करना शुरू कर दिया।
इंजीनियर की यह मेहनत और समर्पण देखकर इंटरनेट यूजर्स ने इसे तुरंत ‘वर्क फ्रॉम हाईवे’ का नाम दे दिया। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना पर मज़ेदार मीम्स और टिप्पणियाँ कर रहे हैं, जैसे कि “जब ज़िंदगी न मिलेगी दोबारा और वर्क डेडलाइन भी न टले!”
ZNMD फिल्म की तरह यह कहानी भी यात्रा और काम के बीच संतुलन को दिखाती है। इंजीनियर ने अपने शौक और पेशेवर जिम्मेदारियों दोनों को साथ लेकर चलने की मिसाल पेश की। बाइक यात्रा जैसी रोमांचक और अविस्मरणीय ट्रिप के दौरान भी वह अपने तकनीकी काम से पीछे नहीं हटे।
सोशल मीडिया पर लोग उनकी कहानी की तारीफ़ कर रहे हैं, कुछ ने इसे प्रेरणादायक बताया तो कुछ ने मज़ाकिया अंदाज़ में अपनी सहानुभूति जताई। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवन में काम और व्यक्तिगत शौक का तालमेल बनाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इस तरह के उदाहरण दिखाते हैं कि सही समय और प्राथमिकता के साथ दोनों को संभाला जा सकता है।
यह घटना केवल तकनीकी पेशेवरों के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरक है, जो अपने काम और जुनून दोनों को महत्व देता है। आखिरकार, ज़िंदगी न मिलेगी दोबारा, लेकिन डेडलाइन कभी नहीं रुकती!