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सोशल मीडिया पर उम्र‑आधारित सीमा का सुझाव: डिजिटल लत से निपटने के नए उपाय

Technology  •  👁 10 views  •  29 Jan 2026
सोशल मीडिया पर उम्र‑आधारित सीमा का सुझाव: डिजिटल लत से निपटने के नए उपाय
भारत के वार्षिक इकोनॉमिक सर्वे 2025‑26 में सोशल मीडिया के उपयोग पर ‘उम्र सीमा’ लागू करने का सुझाव दिया गया है ताकि बच्चों और किशोरों में बढ़ती डिजिटल लत से निपटा जा सके। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक अनियंत्रित पहुँच बच्चों की मानसिक सेहत और सीखने की क्षमता पर नकारात्मक असर डाल रही है, इसलिए आयु‑आधारित नियम पर विचार जरूरी है। 
इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, डिजिटल उपकरण और सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताना तनाव, चिंता, नींद में कमी और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता घटने जैसी समस्याओं को जन्म दे रहा है, खासकर युवाओं में। इसके अलावा शैक्षणिक प्रदर्शन और कार्यक्षमता पर भी असर दिखाई दे रहा है, जिससे व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर प्रभाव पड़ता है। 
सर्वे में यह भी कहा गया है कि अगर सरकार सोशल मीडिया पर उम्र‑आधारित प्रतिबंध लागू करती है, तो यह न केवल बच्चों को हानिकारक कंटेंट से बचाएगा बल्कि उनकी डिजिटल आदतों को नियंत्रित करने में भी मदद करेगा। इस दिशा में नीति निर्माता प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त आयु जाँच (age verification), स्क्रीन‑टाइम सीमाएँ, और माता‑पिता‑अनुमति जैसी व्यवस्थाओं पर काम कर सकते हैं। 
इसके अलावा, इकोनॉमिक सर्वे ने परिवारों और स्कूलों को स्क्रीन‑टाइम पर नियंत्रण, डिवाइस‑फ्री समय और ऑफ‑लाइन गतिविधियों को बढ़ावा देने की सलाह भी दी है, ताकि बच्चे टेक्नोलॉजी के लाभों का सही इस्तेमाल कर सकें और उसकी हानिकारक स्थितियों से बचें। 
दुनिया के कई देशों ने इसी तरह के कदम उठाना शुरू कर दिया है। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया में 16 से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लागू हो चुकी है और फ्रांस में भी 15 वर्ष के नीचे के बच्चों के लिए प्रतिबंध पर विचार किया जा रहा है। 
इस प्रकार, इकोनॉमिक सर्वे का यह सुझाव डिजिटल संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाला कदम है, जो भारत में व्यापक नीति‑निर्माण की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।