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इकोनॉमिक सर्वे में AI पर बड़ा विज़न: UPI जैसा मॉडल, बच्चों के लिए क्रेडिट-बेस्ड फेलोशिप और IT सेक्टर को चेतावनी

Technology  •  👁 15 views  •  30 Jan 2026
इकोनॉमिक सर्वे में AI पर बड़ा विज़न: UPI जैसा मॉडल, बच्चों के लिए क्रेडिट-बेस्ड फेलोशिप और IT सेक्टर को चेतावनी
नई दिल्ली: इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भारत के लिए एक महत्वाकांक्षी लेकिन संतुलित रोडमैप पेश किया है। सर्वे में जहां AI को UPI की तरह एक पब्लिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित करने की बात कही गई है, वहीं IT सेक्टर पर इसके असर को लेकर चेतावनी भी दी गई है।
सर्वे का कहना है कि भारत को AI को केवल एक निजी या कॉरपोरेट टूल न मानकर, सार्वजनिक भलाई के प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करना चाहिए—ठीक वैसे ही जैसे UPI ने डिजिटल भुगतान को लोकतांत्रिक बना दिया। इससे स्टार्टअप, MSME, छात्र और रिसर्चर्स सभी को समान अवसर मिल सकेगा और AI तक पहुंच सीमित नहीं रहेगी।
एक अहम प्रस्ताव बच्चों और युवाओं के लिए क्रेडिट-बेस्ड AI फेलोशिप का है। इसके तहत स्कूल और कॉलेज स्तर पर छात्रों को AI, डेटा और डिजिटल स्किल्स सीखने के लिए अकादमिक क्रेडिट दिए जा सकते हैं। उद्देश्य है कि भारत की अगली पीढ़ी सिर्फ AI की उपभोक्ता न बने, बल्कि AI क्रिएटर और इनोवेटर भी बने।
हालांकि, सर्वे ने IT और सर्विस सेक्टर के लिए चेतावनी भी जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI के बढ़ते उपयोग से लो-एंड कोडिंग, डेटा प्रोसेसिंग और रूटीन IT जॉब्स पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में कंपनियों और कर्मचारियों को री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग पर तुरंत ध्यान देना होगा।
सर्वे यह भी जोर देता है कि AI का विकास नैतिकता, डेटा सुरक्षा और रोजगार संतुलन के साथ होना चाहिए। बिना तैयारी के AI अपनाने से असमानता और बेरोजगारी का खतरा बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर, इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 AI को भारत के लिए अवसर और चेतावनी—दोनों के रूप में देखता है। सही नीति, निवेश और स्किलिंग के साथ AI भारत की विकास कहानी का अगला बड़ा इंजन बन सकता है।