The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 ‘उनसे पूछो… अल-इत्तिहाद के खिलाड़ियों से पूछो’: पूर्व क्लब को अलविदा न कहने पर करीम बेंजेमा का करारा जवाब     🔴 मध्य प्रदेश 2026 में 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आयोजित करेगी     🔴 जापान ने पर्यटकों के बुरे व्यवहार के कारण माउंट फ़ूजी चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल रद्द किया     🔴 RBI ने MSMEs के लिए बिना गारंटी वाले लोन की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया     🔴 RBI ने ग्राहकों को छोटे फ्रॉड से बचाने के लिए तय की 25,000 रुपये की मुआवज़े की सीमा     🔴 हाईकोर्ट ने रिश्वत मांगने वाले वकील को जमानत देने से किया इनकार, कहा – 'अपमानजनक हरकत'     🔴 “कर्नाटक कैबिनेट ने GBA क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 42 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंज़ूरी दी”     🔴 चेल्सी के बॉस लियाम रोज़ेनियर ने आर्सेनल के खिलाफ गुस्से की वजह बताई: 'फुटबॉल में कुछ तौर-तरीके होते हैं'     🔴 जिम्मेदारी लें: HERizon Care के साथ सर्वाइकल कैंसर से बचाव करें     🔴 टेक-इनेबल्ड गुड्स ट्रांसपोर्टेशन MSMEs के लिए लॉजिस्टिक्स लागत कम करती हैं: C-DEP-IIT दिल्ली स्टडी    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

सूर्यकुमार यादव की वापसी की कहानी: तीन दोस्त, दो व्हाट्सएप ग्रुप, परिवार का साथ और कड़ी मेहनत

Sports  •  👁 7 views  •  06 Feb 2026
सूर्यकुमार यादव की वापसी की कहानी: तीन दोस्त, दो व्हाट्सएप ग्रुप, परिवार का साथ और कड़ी मेहनत
भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने अपनी शानदार वापसी के जरिए सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह वापसी सिर्फ फॉर्म में सुधार नहीं बल्कि एक प्रेरक कहानी भी है, जिसमें दोस्ती, परिवार और अनुशासन की अहमियत झलकती है।
सूर्यकुमार की यह यात्रा आसान नहीं रही। उनके तीन करीबी दोस्तों ने उन्हें मानसिक और भावनात्मक समर्थन दिया। इन दोस्तों के माध्यम से बने दो व्हाट्सएप ग्रुप्स ने उन्हें अभ्यास, फिटनेस और मैच रणनीति पर लगातार अपडेट और सुझाव देने में मदद की। यह डिजिटल सहयोग उन्हें निरंतर प्रेरित करता रहा और उनकी वापसी की राह आसान बनाने में अहम साबित हुआ।
इसके अलावा, उनके परिवार का साथ भी इस सफर में निर्णायक रहा। परिवार ने समय-समय पर उनकी कठिनाइयों को समझा और उन्हें धैर्य के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सूर्यकुमार अक्सर मानते हैं कि परिवार का समर्थन उनके आत्मविश्वास का बड़ा स्रोत रहा है।
लेकिन केवल दोस्त और परिवार ही नहीं, सूर्यकुमार ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के जरिए अपनी वापसी सुनिश्चित की। जिम में घंटों का अभ्यास, तकनीकी सुधार, मानसिक तैयारी और मैच सिचुएशन्स पर ध्यान देने के कारण ही वह फिर से टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने में सफल हुए।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सूर्यकुमार यादव की यह वापसी युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो दिखाती है कि अगर दोस्त, परिवार और मेहनत साथ हो तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।
कुल मिलाकर, सूर्यकुमार की कहानी सिर्फ क्रिकेट की वापसी नहीं बल्कि एक प्रेरक जीवनकथा है, जिसमें दोस्ती, परिवार और कड़ी मेहनत की ताकत साफ़ झलकती है।