The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 माता सुंदरी महिला महाविद्यालय में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ‘सारंग 2026’ का सफल आयोजन     🔴 Spoton Global Group के भव्य समारोह में 100+ छात्राओं का सम्मान, ‘आत्मनिर्भर महिला’ अभियान को मिली नई दिशा     🔴 दिल्लीफार्मास्युटिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमियों हेतुउद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित     🔴 विश्वविद्यालय का उद्देश्य खिलाड़ियों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है : अशोक कुमार कुलपति     🔴 दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की पहल: डिजिटल लोक अदालत से ट्रैफिक चालान निस्तारण हुआ आसान और पारदर्शी     🔴 एकंगरसराय में दर्दनाक हादसा: रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक की मौत     🔴 इस्लामपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: विशेष अभियान में दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए     🔴 वैलेंटाइन डे विवाद: युवक-युवती को अलग कर हाथ में थमाई हनुमान चालीसा, तस्वीर वायरल     🔴 बिहार के नालंदा में युवक की आत्महत्या: दीपनगर इलाके से दुखद घटना     🔴 दिल्ली में वैलेंटाइन डे पर सनसनी: विश्वास नगर के संतोष रेजिडेंसी होटल से युवती ने लगाई छलांग, हालत स्थिर    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

सेबी इन्वेस्टर सर्वे: क्यों सिर्फ़ 3.21 करोड़ भारतीय परिवार शेयर मार्केट में निवेश करते हैं?

Economy  •  👁 14 views  •  21 Jan 2026
सेबी इन्वेस्टर सर्वे: क्यों सिर्फ़ 3.21 करोड़ भारतीय परिवार शेयर मार्केट में निवेश करते हैं?
भारतीय निवेशकों की पसंद और निवेश व्यवहार पर हाल ही में सेबी (Securities and Exchange Board of India) का इन्वेस्टर सर्वे सामने आया है। इस सर्वे के अनुसार, लगभग 33.72 करोड़ भारतीय परिवारों में से सिर्फ़ 3.21 करोड़ परिवार ही सिक्योरिटीज़ मार्केट में निवेश करते हैं। यह आंकड़ा भारतीय निवेश परंपराओं और शेयर बाजार में भागीदारी की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है।

विश्लेषकों का कहना है कि निवेश में इस कम भागीदारी के पीछे ज्ञान की कमी, जोखिम का डर और पारंपरिक बचत आदतें मुख्य कारण हैं। अधिकांश भारतीय परिवार अभी भी सुरक्षित विकल्प जैसे बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट, गोल्ड और पोस्ट ऑफिस स्कीम्स को प्राथमिकता देते हैं। वहीं, युवा निवेशकों में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से शेयर और म्यूचुअल फंड में रुचि धीरे-धीरे बढ़ रही है।

सेबी ने इस सर्वे के परिणामों को आधार बनाकर शिक्षा और निवेश जागरूकता अभियान तेज करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य है कि और अधिक परिवार शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के लिए प्रेरित हों, ताकि वे लंबी अवधि में धन सृजन कर सकें।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेशकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने से पूंजी बाजार में स्थिरता, नवाचार और
आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही यह निजी निवेशकों के लिए जोखिम प्रबंधन और वित्तीय योजना के महत्व को भी उजागर करता है।

संक्षेप में, सेबी इन्वेस्टर सर्वे यह स्पष्ट करता है कि भारतीय निवेशक अब भी पारंपरिक बचत साधनों पर निर्भर हैं, लेकिन शिक्षा और डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म्स की मदद से शेयर मार्केट में भागीदारी धीरे-धीरे बढ़ रही है। यह जानकारी न केवल निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक विश्लेषकों और नीति निर्माताओं के लिए भी अहम संकेत देती है।