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ट्रंप प्रशासन की रक्षा रणनीति सहयोगियों को अपनी सुरक्षा खुद संभालने के लिए कहती है

Nature  •  👁 14 views  •  24 Jan 2026
ट्रंप प्रशासन की रक्षा रणनीति सहयोगियों को अपनी सुरक्षा खुद संभालने के लिए कहती है
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने नई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति (National Defense Strategy) जारी की है, जिसमें एक बड़ा बदलाव देखा गया है — अमेरिका अपने सहयोगी देशों को अब उनकी सुरक्षा खुद संभालने का संकेत दे रहा है। इस रणनीति से पारंपरिक सुरक्षा साझेदारियों और गठबंधनों के स्वरूप में बदलाव की संभावना बढ़ गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर सुरक्षा समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
नई रणनीति में पेंटागन ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका अब हमेशा दूसरे देशों के लिए अपनी सैन्य शक्ति का आश्रय नहीं बन सकता और सहयोगी देशों को खुद अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने की आवश्यकता है। इसमें यह भी कहा गया है कि अमेरिका अब स्वदेश सुरक्षा को प्राथमिकता देगा और वैश्विक हस्तक्षेप की भूमिका सीमित करेगा, खासकर यूरोप, एशिया और कोरियाई प्रायद्वीप जैसे क्षेत्रों में।
रणनीति में यह भी उल्लेख है कि यूरोपीय सहयोगियों को नाटो (NATO) के अंतर्गत अपनी पारंपरिक रक्षा जिम्मेदारियाँ अधिक स्वतंत्र रूप से निभानी चाहिए, तथा पूर्वी यूरोप में रूस के सामने रक्षा का बोझ साझा करना चाहिए। इसी तरह दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया के खिलाफ प्राथमिक रक्षा जिम्मेदारी लेने का संदेश दिया गया है, जबकि अमेरिका सीमित समर्थन प्रदान करेगा।
नीति का यह बदलाव ट्रंप प्रशासन की “America First” (अमेरिका पहले) सोच से जुड़ा है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका का सैन्य ध्यान अमेरिका की सीमाओं और घरेलू सुरक्षा पर अधिक केंद्रित रहना चाहिए, बजाय यह कि वह दुनिया भर के सुरक्षा मामलों में अग्रणी भूमिका निभाए। इस रणनीति के तहत चीन के साथ स्थिर रिश्ते, व्यापार बातचीत और सैन्य‑सैन्य संवाद को भी प्राथमिकता दी गई है, जबकि कुछ क्षेत्रीय विवादों जैसे ताइवान की रक्षा का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया।
विश्लेषकों का मानना है कि इस नीति से परंपरागत सहयोगी देशों में असुरक्षा का वातावरण पैदा हो सकता है, जिससे यूरोप, एशिया और अन्य क्षेत्रीय देशों को स्वयं‑निर्भर रक्षा क्षमताओं का निर्माण करना होगा। यह बदलाव अमेरिका‑सहयोगी प्रणालियों के भविष्य पर लंबी अवधि में प्रभाव डाल सकता है, खासकर वैश्विक शक्ति संतुलन और सुरक्षा साझेदारियों के संदर्भ में।