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'किसी के साथ भेदभाव या उत्पीड़न नहीं होगा': केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नए UGC रेगुलेशन का किया स्वागत

Politics   •   👁 22 views   •   27 Jan 2026
'किसी के साथ भेदभाव या उत्पीड़न नहीं होगा': केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नए UGC रेगुलेशन का किया स्वागत
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में UGC के नए भेदभाव विरोधी रेगुलेशन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब शैक्षणिक संस्थानों में किसी के साथ भेदभाव या उत्पीड़न नहीं होगा। उन्होंने इसे शिक्षा क्षेत्र में समानता और समावेशिता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
नए UGC रेगुलेशन के तहत सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्र, शिक्षक और स्टाफ किसी भी आधार—जाति, धर्म, लिंग, आर्थिक स्थिति या शारीरिक क्षमता—पर भेदभाव का सामना न करें। उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई और नियामक निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समान अवसर और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भेदभाव या उत्पीड़न की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने यह भी जोड़ा कि इस पहल से दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और हाशिए पर रहने वाले छात्रों को शिक्षा में समान अवसर मिलेंगे और सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए समावेशी कार्यस्थल सुनिश्चित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रेगुलेशन केवल कानूनी दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह शैक्षणिक संस्थानों में संस्कृति परिवर्तन लाने का अवसर भी है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निगरानी, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान जरूरी होंगे।
कुल मिलाकर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की यह टिप्पणी UGC के नए रेगुलेशन के महत्व को रेखांकित करती है। यह कदम भारत में शिक्षा के लोकतांत्रिक और समावेशी स्वरूप को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल