The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 ‘उनसे पूछो… अल-इत्तिहाद के खिलाड़ियों से पूछो’: पूर्व क्लब को अलविदा न कहने पर करीम बेंजेमा का करारा जवाब     🔴 मध्य प्रदेश 2026 में 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आयोजित करेगी     🔴 जापान ने पर्यटकों के बुरे व्यवहार के कारण माउंट फ़ूजी चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल रद्द किया     🔴 RBI ने MSMEs के लिए बिना गारंटी वाले लोन की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया     🔴 RBI ने ग्राहकों को छोटे फ्रॉड से बचाने के लिए तय की 25,000 रुपये की मुआवज़े की सीमा     🔴 हाईकोर्ट ने रिश्वत मांगने वाले वकील को जमानत देने से किया इनकार, कहा – 'अपमानजनक हरकत'     🔴 “कर्नाटक कैबिनेट ने GBA क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 42 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंज़ूरी दी”     🔴 चेल्सी के बॉस लियाम रोज़ेनियर ने आर्सेनल के खिलाफ गुस्से की वजह बताई: 'फुटबॉल में कुछ तौर-तरीके होते हैं'     🔴 जिम्मेदारी लें: HERizon Care के साथ सर्वाइकल कैंसर से बचाव करें     🔴 टेक-इनेबल्ड गुड्स ट्रांसपोर्टेशन MSMEs के लिए लॉजिस्टिक्स लागत कम करती हैं: C-DEP-IIT दिल्ली स्टडी    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

नोएडा को मिलेगा मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन का दर्जा: यूपी कैबिनेट ने दी हरी झंडी

Politics  •  👁 342 views  •  29 Jan 2026
नोएडा को मिलेगा मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन का दर्जा: यूपी कैबिनेट ने दी हरी झंडी
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नोएडा को एक मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन (महानगर निगम) के रूप में विकसित करने के विचार को मंजूरी दे दी है, जिससे शहर की स्थानीय सरकार और प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव आने वाला है। यह निर्णय नोएडा‑ग्रेटर नोएडा जैसे तेजी से विकसित होते शहर के लिए बेहतर नागरिक सेवा, पारदर्शिता और चुनी हुई स्थानीय शहरी निकाय के गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालाँकि अभी तक नोएडा में स्थानीय निकाय का चुनाव अथवा मेयर‑काउंसिलर जैसी व्यवस्था नहीं है, मगर इस कदम से उन अड़चनों को दूर करने की उम्मीद है जो शहर के विकास, नागरिक सेवाओं और जनप्रतिनिधित्व के अभाव से जुड़ी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले सुझाव दिया था कि नोएडा को महानगर निगम का दर्जा देकर उसे सिटी‑सेंट्रिक प्रशासनिक ढांचे में लाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों की अपेक्षाएँ और शिकायतें बेहतर तरीके से सुनी और सुलझाई जा सकें।
नोएडा को महानगर निगम बनाने के प्रस्ताव का मकसद क्षेत्र में लोकतांत्रिक शासन और पारदर्शिता को मजबूत करना है। मौजूदा समय में नोएडा न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (NOIDA Authority) के तहत शहरी सेवाओं का प्रबंधन होता है, जिसमें स्थानीय जनता के चुने प्रतिनिधि शामिल नहीं हैं। निगम बनने के बाद यहां मेयर, पार्षद और स्थानीय निर्वाचित निकाय होंगे, जो रोज़मर्रा के प्रशासन, बुनियादी ढांचे और सेवाओं के लिए जवाबदेह होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि महानगर निगम बनने से स्थानीय विकास योजनाओं में नागरिक भागीदारी बढ़ेगी और फैसलों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इससे आज तक चल रहे प्रशासनिक विवादों और प्राधिकरण‑आधारित निर्णयों पर सार्वजनिक नियंत्रण और निगरानी भी मजबूत होगी।
यह निर्णय नोएडा‑ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार, जनसंख्या वृद्धि, और ग्राहक‑सुविधाओं की मांग को देखते हुए लिया गया है। महानगर निगम बनने से शहर में सेवा वितरण, नगर नियोजन और शहरी प्रबंधन की प्रणालियाँ और अधिक सक्षम व जवाबदेह होंगी, जिससे नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर और सुविधाजनक शासन का लाभ मिलेगा।