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WTA ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में कैमरों को लेकर खिलाड़ियों के प्राइवेसी विवाद में दिया समर्थन: ‘यह मानवीय और जायज़ मांग है’

Sports  •  👁 8 views  •  29 Jan 2026
WTA ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में कैमरों को लेकर खिलाड़ियों के प्राइवेसी विवाद में दिया समर्थन: ‘यह मानवीय और जायज़ मांग है’
2026 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में कैमरों के उपयोग को लेकर एक बड़ा प्राइवेसी विवाद उभर गया है, जिसमें WTA (वुमेंस टेनिस एसोसिएशन) ने खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए कहा है कि उनकी प्राइवेसी की मांग “मानवीय और जायज़” है। विवाद तब शुरू हुआ जब कोको गॉफ अपनी क्वार्टरफाइनल हार के बाद फ्रस्ट्रेशन में रैकेट तोड़ते समय कैमरों से रिकॉर्ड हो गईं, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
गॉफ ने कहा कि वह एक प्राइवेट जगह की तलाश में थी ताकि अपनी भावनाओं को बिना कैमरे के सामने व्यक्त कर सके, लेकिन उसे लगा कि अधिकांश ‘प्लेयर‑ओनली’ क्षेत्र कैमरों से निगरानी में थे। इसी मुद्दे पर आईगा स्वियेतेक ने टिप्पणी करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को लगता है जैसे उन्हें “चिड़ियाघर के जानवरों की तरह देखा जा रहा है” क्योंकि हर जगह कैमरे मौजूद हैं।
इस पर WTA की चेयर वैलेरी कैमिलो ने कहा कि खिलाड़ियों की चिंता को गंभीरता से लिया जा रहा है और यह मांग पूरी तरह मानवीय और जायज़ है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को ऑफ‑कोर्ट क्षेत्रों में पर्याप्त प्राइवेट स्पेस मिलना चाहिए, जहाँ वे आराम कर सकें और अपने तनाव को खुद ही संभाल सकें। WTA ने यह भी कहा कि उसने पहले ही कुछ ऑफ‑कोर्ट इलाकों से कैमरों की संख्या कम कर दी है और आगे भी टूर्नामेंट आयोजकों और प्रसारण भागीदारों के साथ इस मुद्दे पर संवाद जारी रखेगी।
विरोधियों के अनुसार, हालांकि फैंस को खिलाड़ियों के करीब लाना और बेहतर कंटेंट देना जरूरी है, लेकिन खिलाड़ियों की मानसिक सेहत और निजता का अधिकार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आयोजक टेनिस ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वह खिलाड़ियों की शिकायतों को सुनेगा और संतुलन बनाने की कोशिश करेगा, ताकि न तो खिलाड़ी असहज महसूस करें और न ही टूर्नामेंट की मनोरंजन‑योग्यता प्रभावित हो।
यह विवाद दर्शाता है कि आधुनिक स्पोर्ट्स और मीडिया निजता बनाम मनोरंजन के बीच कैसे संवेदनशील संतुलन तलाश रहे हैं, और खिलाड़ियों की भावनात्मक और व्यक्तिगत सीमाओं को सम्मान देने की आवश्यकता क्यों जरूरी है।