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“Beyond Trending”: शक्ति संतुलन (Balance of Power) क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

International  •  👁 11 views  •  30 Jan 2026
“Beyond Trending”: शक्ति संतुलन (Balance of Power) क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
“Beyond Trending” के नए सत्र में राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों की चर्चा के तहत शक्ति संतुलन (Balance of Power) विषय पर विशेष रिपोर्ट पेश की गई। शक्ति संतुलन वह स्थिति है जिसमें विभिन्न देशों या राजनीतिक इकाइयों की शक्ति इस तरह वितरित होती है कि कोई एक राष्ट्र अत्यधिक प्रभुत्व स्थापित न कर सके। यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति का मूल सिद्धांत माना जाता है और इसका उद्देश्य शांति और स्थिरता बनाए रखना होता है।
शक्ति संतुलन के मुख्य पहलू:
सैन्य शक्ति: देश अपनी सेना और रक्षा क्षमता में संतुलन बनाए रखते हैं।
आर्थिक शक्ति: व्यापार, निवेश और संसाधनों के माध्यम से वैश्विक प्रभाव बनाए रखना।
राजनीतिक और कूटनीतिक शक्ति: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गठबंधनों और समझौतों के जरिये संतुलन बनाए रखना।
इतिहास में देखा जाए तो यूरोप में 19वीं शताब्दी में शक्ति संतुलन ने युद्धों और क्षेत्रीय संघर्षों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कूल वॉर (Cold War) के दौरान भी अमेरिका और सोवियत संघ ने अपने-अपने सैन्य और राजनीतिक गठबंधनों के माध्यम से शक्ति संतुलन बनाए रखा।
महत्त्व:
यह सिद्धांत एकतरफा प्रभुत्व और युद्ध की संभावना को कम करता है
छोटे और मध्यम शक्ति वाले देश भी अपने हितों को सुरक्षित रखने में सक्षम होते हैं।
वैश्विक राजनीति में सहयोग और प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
“Beyond Trending” में विशेषज्ञों ने बताया कि आज के इंटरकनेक्टेड और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में शक्ति संतुलन सिर्फ सैन्य या राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और साइबर क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण है। भारत, चीन, अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे वैश्विक खिलाड़ी इस सिद्धांत के आधार पर अपनी रणनीति तैयार करते हैं।
निष्कर्ष:
शक्ति संतुलन अंतरराष्ट्रीय राजनीति का केंद्रबिंदु है। यह न केवल देशों के बीच सामरिक संतुलन बनाए रखता है, बल्कि वैश्विक स्थिरता, सहयोग और प्रतिस्पर्धा को भी नियंत्रित करता है।