The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 माता सुंदरी महिला महाविद्यालय में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ‘सारंग 2026’ का सफल आयोजन     🔴 Spoton Global Group के भव्य समारोह में 100+ छात्राओं का सम्मान, ‘आत्मनिर्भर महिला’ अभियान को मिली नई दिशा     🔴 दिल्लीफार्मास्युटिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमियों हेतुउद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित     🔴 विश्वविद्यालय का उद्देश्य खिलाड़ियों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है : अशोक कुमार कुलपति     🔴 दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की पहल: डिजिटल लोक अदालत से ट्रैफिक चालान निस्तारण हुआ आसान और पारदर्शी     🔴 एकंगरसराय में दर्दनाक हादसा: रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक की मौत     🔴 इस्लामपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: विशेष अभियान में दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए     🔴 वैलेंटाइन डे विवाद: युवक-युवती को अलग कर हाथ में थमाई हनुमान चालीसा, तस्वीर वायरल     🔴 बिहार के नालंदा में युवक की आत्महत्या: दीपनगर इलाके से दुखद घटना     🔴 दिल्ली में वैलेंटाइन डे पर सनसनी: विश्वास नगर के संतोष रेजिडेंसी होटल से युवती ने लगाई छलांग, हालत स्थिर    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

कॉपर ऐतिहासिक ‘सुपरसाइकल’ में प्रवेश: एलएमई कीमतें $14,000 पार, केडिया एडवाइजरी ने बयान दिया

Economy  •  👁 13 views  •  30 Jan 2026
कॉपर ऐतिहासिक ‘सुपरसाइकल’ में प्रवेश: एलएमई कीमतें $14,000 पार, केडिया एडवाइजरी ने बयान दिया
वैश्विक धातु बाजार में कॉपर (तांबा) ने एक ऐतिहासिक सुपरसाइकल (supercycle) संकेत देते हुए लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कीमतें $14,000 प्रति टन से ऊपर पहुंचाई हैं, जिससे दुनिया भर के निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों की नजर इस लाल धातु पर टिक गई है। इस कड़ी में केडिया एडवाइजरी समेत कई विश्लेषक मानते हैं कि कॉपर सिर्फ मौसमी मंदी‑ऊँचाई वाली धातु नहीं रहा, बल्कि अब एक दीर्घकालिक और मजबूत चक्र में प्रवेश कर रहा है, जिसका असर औद्योगिक मांग, आपूर्ति‑अनुकूलता और निवेश धारणा पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी का मुख्य कारण ग्लोबल सप्लाई में व्यवधान, कई प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में खनन गतिविधि में रुकावट, और इलेक्ट्रिक वाहनों, AI डेटा केंद्रों और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टरों में मजबूत मांग है। इन कारकों ने मिलकर कॉपर की कीमत को नए आयाम तक पहुंचा दिया है।
लंदन मेटल एक्सचेंज में तीन‑महीने वाला कॉपर अनुबंध एक समय $14,268 प्रति टन तक पहुंच गया, और बाद में थोड़ी गिरावट के बाद भी ऊपर की ओर मजबूती दर्ज की गई। यह उछाल कई वर्षों में सबसे बड़ा प्रतिदिन का निवेशक सेंटिमेंट और सट्टा गतिविधि का परिणाम भी है, जिसमें चीन, अमेरिका और यूरोप के निवेशक शामिल हैं।
“सुपरसाइकल” शब्द वित्तीय और कमोडिटी बाजारों में तब उपयोग होता है जब कीमतें लंबे समय तक लगातार उच्च स्तर पर बनी रहती हैं और सिर्फ अल्पकालिक स्पाइक नहीं होतीं। इस बार कॉपर के मामले में यही बात दिखाई दे रही है क्योंकि सप्लाई की कमी और मांग का संतुलन बिगड़ रहा है, जो दीर्घकालिक मूल्य समर्थन का संकेत देता है।
यह तेजी औद्योगिक उपयोगकर्ताओं, जैसे की पावर, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और नई ऊर्जा परियोजनाओं को प्रभावित कर रही है, क्योंकि उच्च इनपुट लागतें उत्पादन लागतों को बढ़ा सकती हैं। वहीं, खनन कंपनियों के शेयर और कॉपर आधारित निवेशों में भी उभरती दिलचस्पी देखी जा रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह ‘सुपरसाइकल’ बनी रहती है, तो यह न सिर्फ धातु बाजार की संरचना बदल सकता है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा संक्रमण की दिशा को भी प्रभावित करेगा।