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AIIMS में ट्रांसजेंडर क्लिनिक: दो साल में 33 जेंडर-अफरमेटिव प्रोसीजर, मरीजों की संख्या बढ़ी

Health   •   👁 26 views   •   30 Jan 2026
AIIMS में ट्रांसजेंडर क्लिनिक: दो साल में 33 जेंडर-अफरमेटिव प्रोसीजर, मरीजों की संख्या बढ़ी
नई दिल्ली: देश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान AIIMS (ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज) में स्थापित डेडिकेटेड ट्रांसजेंडर क्लिनिक में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह क्लिनिक ट्रांसजेंडर समुदाय और जेंडर-अफरमेटिव सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
पिछले दो वर्षों में इस क्लिनिक में 33 जेंडर-अफरमेटिव प्रोसीजर किए गए हैं। इन प्रक्रियाओं में सर्जरी, हार्मोन थेरेपी और काउंसलिंग शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए सुरक्षित और समर्पित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत अहम है।
AIIMS की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, क्लिनिक में आने वाले रोगियों की संख्या हर साल बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण है समाज में जागरूकता और स्वीकृति में वृद्धि, साथ ही क्लिनिक की पेशेवर देखभाल और गोपनीयता। कई लोग यहां सिर्फ़ काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए भी आते हैं।
क्लिनिक के चिकित्सक बताते हैं कि यह केंद्र न केवल सर्जिकल प्रोसीजर करता है, बल्कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने पर भी काम करता है। इसके अलावा, फॉलो-अप और सपोर्ट ग्रुप्स की सुविधा भी उपलब्ध है, जो मरीजों को अपने जीवन की गुणवत्ता सुधारने में मदद करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ना बहुत आवश्यक है। AIIMS का यह प्रयास इस दिशा में एक मॉडल क्लिनिक साबित हो रहा है।
संक्षेप में, AIIMS में ट्रांसजेंडर क्लिनिक में मरीजों की बढ़ती संख्या और दो साल में किए गए 33 जेंडर-अफरमेटिव प्रोसीजर यह दर्शाते हैं कि स्वीकृति, जागरूकता और समर्पित स्वास्थ्य सुविधा से बदलाव संभव है।