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अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार की NCP नेतृत्व में वापसी ने पार्टी में हड़कंप मचा दिया

Politics  •  👁 6 views  •  31 Jan 2026
अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार की NCP नेतृत्व में वापसी ने पार्टी में हड़कंप मचा दिया
मुंबई/बारामती: महाराष्ट्र के सूरमा नेता शरद पवार की राष्ट्रीयवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में फिर से सक्रिय भूमिका निभाने की बात ने पार्टी के अंदर चिंताएँ और गुटबाज़ी को बढ़ा दिया है। यह स्थिति खासकर तब उभरकर आई है जब पार्टी में हाल ही में अजीत पवार के आकस्मिक निधन के बाद नेतृत्व और संगठन को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
पार्टी विभिन्न धड़ों में बंटी हुई है — एक हिस्सा 2023 के बाद से अजीत पवार के नेतृत्व में महायुति शासन (भाजपा-नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार) का हिस्सा रहा है, जबकि शरद पवार की अपनी अलग राष्ट्रीयवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) सक्रिय है। अजीत पवार के जाने के बाद राजनीतिक अस्थिरता और दोनों गुटों के विलय पर चल रही चर्चाओं में उथल-पुथल बढ़ी है।
शरद पवार ने संकेत दिया है कि पिछले चार महीनों से दोनों NCP गुटों के एकीकृत पार्टी बनने की बातचीत चल रही थी, और तारीख भी लगभग तय हो चुकी थी। लेकिन अजीत पवार की मौत के बाद यह प्रक्रिया रुक गई है, जिससे पार्टी के कुछ नेता असमंजस और भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
पार्टी के भीतर यह डर भी है कि शरद पवार की वापसी से अब निर्णयों में उनकी केंद्रीय भूमिका फिर से मजबूत हो सकती है, जिससे वे नेता जिन्हें अजीत पवार के समर्थन से मंत्री पद और संगठनात्मक भूमिका मिली थी, उनकी भूमिका और प्रभाव में कमी आ सकती है।
साथ ही, एक संयुक्त NCP में शरद पवार और उनकी परिवारिक नीति-नियंत्रण शैली के आधार पर पार्टी की दिशा और महाराष्ट्र की मौजूदा महायुति गठबंधन में उसकी भूमिका में बदलाव की संभावनाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे सरकार और पार्टी के भीतर नए समीकरण बन सकते हैं, जिनसे कई नेताओं की राजनीतिक स्थिति प्रभावित होने की चिंता पार्टी में सुनाई दे रही है।
इस राजनीतिक परिदृश्य के बीच, NCP के सामने नेतृत्व के विकल्प, गठबंधन-रणनीति और संगठनात्मक पुनर्गठन जैसे बड़े फैसलों पर अभी भी स्पष्ट दिशा नहीं दिख रही है, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में अस्थिरता बनी हुई है।