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‘दरवाज़ा बाहर से बंद था’: दो गोदामों में भीषण आग के बाद 25 परिवारों के सवाल, जवाब का इंतज़ार

accident   •   👁 42 views   •   31 Jan 2026
‘दरवाज़ा बाहर से बंद था’: दो गोदामों में भीषण आग के बाद 25 परिवारों के सवाल, जवाब का इंतज़ार
शहर के औद्योगिक इलाके में स्थित दो गोदामों में लगी भीषण आग के बाद कम से कम 25 परिवार सदमे और अनिश्चितता में हैं। हादसे के बाद सामने आए चौंकाने वाले विवरणों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवारों का दावा है कि आग लगने के वक्त गोदाम का दरवाज़ा बाहर से बंद था, जिससे अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
घटना देर रात की बताई जा रही है, जब गोदामों में काम कर रहे मजदूर और उनके परिवार अंदर मौजूद थे। अचानक आग भड़क उठी और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई। दमकल विभाग को सूचना मिलने के बाद कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गोदामों में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की जा रही थी। न तो पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद थे और न ही आपातकालीन निकास की उचित व्यवस्था। सबसे गंभीर आरोप यह है कि मुख्य दरवाज़ा बाहर से बंद था, जिससे अंदर मौजूद लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे।
इस हादसे में कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ गंभीर रूप से झुलसे हुए अस्पताल में भर्ती हैं। मृतकों के परिजन अब सिर्फ मुआवज़े नहीं, बल्कि जवाबदेही और न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका सवाल है कि अगर दरवाज़ा सच में बाहर से बंद था, तो जिम्मेदार कौन है?
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस और फायर विभाग संयुक्त रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आग कैसे लगी और क्या लापरवाही या आपराधिक चूक इसमें शामिल थी। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर शहरी इलाकों में गोदामों और फैक्ट्रियों में सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 25 परिवार अब अपने प्रियजनों को खोने के दर्द के साथ-साथ इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं—क्या यह सिर्फ हादसा था या रोकी जा सकने वाली त्रासदी?