The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 माता सुंदरी महिला महाविद्यालय में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ‘सारंग 2026’ का सफल आयोजन     🔴 Spoton Global Group के भव्य समारोह में 100+ छात्राओं का सम्मान, ‘आत्मनिर्भर महिला’ अभियान को मिली नई दिशा     🔴 दिल्लीफार्मास्युटिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमियों हेतुउद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित     🔴 विश्वविद्यालय का उद्देश्य खिलाड़ियों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है : अशोक कुमार कुलपति     🔴 दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की पहल: डिजिटल लोक अदालत से ट्रैफिक चालान निस्तारण हुआ आसान और पारदर्शी     🔴 एकंगरसराय में दर्दनाक हादसा: रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक की मौत     🔴 इस्लामपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: विशेष अभियान में दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए     🔴 वैलेंटाइन डे विवाद: युवक-युवती को अलग कर हाथ में थमाई हनुमान चालीसा, तस्वीर वायरल     🔴 बिहार के नालंदा में युवक की आत्महत्या: दीपनगर इलाके से दुखद घटना     🔴 दिल्ली में वैलेंटाइन डे पर सनसनी: विश्वास नगर के संतोष रेजिडेंसी होटल से युवती ने लगाई छलांग, हालत स्थिर    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

‘उन फाइलों को जारी कराने के लिए मैंने सबसे ज़्यादा दबाव डाला’: एलोन मस्क ने एपस्टीन फाइल्स में नाम पर प्रतिक्रिया दी

International  •  👁 17 views  •  31 Jan 2026
‘उन फाइलों को जारी कराने के लिए मैंने सबसे ज़्यादा दबाव डाला’: एलोन मस्क ने एपस्टीन फाइल्स में नाम पर प्रतिक्रिया दी
वॉशिंगटन/टेस्ला: अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जेफरी एपस्टीन से जुड़ी नई फ़ाइलों (Epstein Files) के हाल ही में सार्वजनिक किए जाने के बाद, टेस्ला और स्पेसएक्स के CEO एलोन मस्क ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। इन फ़ाइलों में उनके नाम का ज़िक्र होने से मीडिया और सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी, और अब मस्क ने खुद अपने पक्ष को सामने रखा है।
मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा कि उन्होंने Epstein फ़ाइलों को सार्वजनिक कराने के लिए “सबसे ज़्यादा दबाव” डाला और वे इस बात से खुश हैं कि यह काम आखिरकार हुआ। उन्होंने कहा कि उनके और एपस्टीन के बीच बहुत कम ही ईमेल बातचीत हुई थी और उन्होंने कई बार अध्यक्षीय द्वीप पर जाने के आमंत्रण को ठुकराया था। इसी वजह से उन्होंने साफ़ किया कि कोई व्यक्तिगत या करीबी संबंध नहीं था और नाम का आने का अर्थ यह नहीं है कि वे अपराधों में लिप्त थे।
मस्क ने यह भी लिखा कि अगर फ़ाइलों में उनके नाम का ज़िक्र गलत ढंग से प्रस्तुत किया जाता है और इससे किसी तरह उन्हें बदनाम करने की कोशिश होती है, तो वे इससे ज़्यादा नहीं प्रभावित होते। असल में उनकी चिंता यह है कि वे लोग जो एपस्टीन के साथ गंभीर अपराधों में शामिल हैं उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए, खासकर नाबालिग लड़कियों के शोषण से जुड़े मामलों में।
न्याय विभाग द्वारा जारी लाखों पेजों में ईमेल्स, दस्तावेज़ और फोटोज़ शामिल हैं, जिनमें कई प्रमुख लोगों का ज़िक्र मिलता है — लेकिन विशेषज्ञों ने साफ़ कहा है कि किसी का भी नाम फ़ाइलों में होने का यह मतलब नहीं लिया जाना चाहिए कि वे आरोपों के प्रत्यक्ष आरोपी हैं।
इस बीच मीडिया में मस्क के ज़िक्र को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज़ है, खासकर यह जानने की कोशिशें कि इन दस्तावेज़ों का सार्वजनिक होना स्वतः किसी के खिलाफ आरोप लगाने जैसा है या नहीं। बड़ी संख्या में दस्तावेज़ अभी भी प्रतिलेखित (redacted) हैं या समीक्षा के तहत हैं।
कुल मिलाकर, मस्क ने नाम के जिक्र पर खुद को अलग रखा, कहा कि उन्होंने फ़ाइलों को उजागर करने की वकालत की और अब मुख्य फोकस उन अपराधियों का प्रत्येक उत्तरदायी व्यक्ति का मुकदमा चलाना होना चाहिए, न कि “नाम के होने” से अफ़वाह फैलाना।