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‘मांगें पूरी हुईं’: सूरत के वस्त्र और हीरा उद्योग संगठनों ने बजट का किया स्वागत

Business  •  👁 15 views  •  02 Feb 2026
‘मांगें पूरी हुईं’: सूरत के वस्त्र और हीरा उद्योग संगठनों ने बजट का किया स्वागत
रविवार को सूरत के वस्त्र और हीरा उद्योग तथा साउदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) ने संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट का स्वागत किया। एसजीसीसीआई ने इसे “सबका साथ, सबका विकास” की अवधारणा पर आधारित एक “विकासोन्मुख बजट” बताया।
उद्योग जगत के नेताओं ने विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईज़ेड) में कार्यरत हीरा और आभूषण उद्योगों को कुछ वस्तुएं रियायती शुल्क दरों पर घरेलू बाजार में बेचने की अनुमति देने के फैसले का स्वागत किया। इससे पहले ऐसी इकाइयों में निर्मित सभी वस्तुओं का निर्यात अनिवार्य था। उन्होंने सूक्ष्म उद्यमों को सहायता देने के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत फंड’ के गठन की घोषणा का भी स्वागत किया। इसके अलावा उद्योग नेताओं ने सेमीकंडक्टर, वस्त्र और एमएसएमई सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए घोषित विशेष पैकेजों और योजनाओं की भी सराहना की।
एसजीसीसीआई के अध्यक्ष निखिल माद्रासी ने कहा कि वस्त्र क्षेत्र के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने जैसी विशेष योजना सहित उनकी अधिकांश मांगें बजट में पूरी की गई हैं।
माद्रासी ने कहा, “हमारी मांगों में क्लस्टर-वार उन्नयन कोष भी शामिल था, जिसे बजट में घोषित किया गया है। छोटे व्यवसायों को तरलता सहायता देने के लिए एक लेन-देन निपटान कार्यक्रम की भी घोषणा की गई है। एक ‘आत्मनिर्भर भारत फंड’ बनाया जाएगा, जो सूक्ष्म उद्यमों को प्रत्यक्ष सहायता प्रदान करेगा, एक क्रेडिट गारंटी समर्थन तंत्र स्थापित किया जाएगा और GEM पोर्टल (सरकारी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस) को व्यापार से जोड़ा जाएगा।”
वहीं, फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक जिरावाला ने वस्त्र उद्योग के लिए बजट में घोषित मेगा टेक्सटाइल पार्क और राष्ट्रीय फाइबर योजना का स्वागत किया।