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IIT दिल्ली अध्ययन का खुलासा: टेक-इनेबल्ड गुड्स ट्रांसपोर्टेशन से MSMEs की लॉजिस्टिक्स लागत में बड़ी कमी

Business   •   👁 29 views   •   05 Feb 2026
IIT दिल्ली अध्ययन का खुलासा: टेक-इनेबल्ड गुड्स ट्रांसपोर्टेशन से MSMEs की लॉजिस्टिक्स लागत में बड़ी कमी
IIT दिल्ली के सेंटर फॉर डिजिटल इकोनॉमी पॉलिसी (C-DEP) द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन में सामने आया है कि टेक्नोलॉजी-सक्षम गुड्स ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज़ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को उल्लेखनीय रूप से कम करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। यह अध्ययन भारत में डिजिटल लॉजिस्टिक्स के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है।
रिपोर्ट के अनुसार, पारंपरिक परिवहन व्यवस्था में बिचौलियों की अधिकता, जानकारी की कमी और ऑपरेशनल अक्षमताओं के कारण MSMEs को अधिक खर्च उठाना पड़ता है। इसके विपरीत, डिजिटल प्लेटफॉर्म, रियल-टाइम ट्रैकिंग, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेटेड रूट प्लानिंग जैसी तकनीकों से माल ढुलाई अधिक पारदर्शी, तेज़ और किफायती हो गई है।
C-DEP-IIT दिल्ली स्टडी में बताया गया है कि टेक-इनेबल्ड लॉजिस्टिक्स अपनाने वाले MSMEs की परिवहन लागत में औसतन 15 से 25 प्रतिशत तक की कमी देखी गई। इसके अलावा, समय पर डिलीवरी, बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट और नुकसान में कमी से व्यवसायों की समग्र उत्पादकता भी बढ़ी है।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि छोटे कारोबारियों को अब बड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तक पहुंच मिल रही है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर पा रहे हैं। खासकर ई-कॉमर्स, कृषि-आधारित उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इसका सकारात्मक असर दिख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नीति समर्थन, डिजिटल साक्षरता और इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाए, तो टेक-इनेबल्ड गुड्स ट्रांसपोर्टेशन भारत के MSME सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। यह न केवल लागत घटाएगा, बल्कि भारत की सप्लाई चेन को अधिक कुशल और टिकाऊ बनाने में भी मदद करेगा।