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‘यह कोई नासमझी वाली हरकत नहीं है’: दिल्ली हाई कोर्ट ने मेट्रो केबल चोरी मामले में स्विगी डिलीवरी बॉय को ज़मानत देने से किया इनकार

Crime  •  👁 20 views  •  03 Feb 2026
‘यह कोई नासमझी वाली हरकत नहीं है’: दिल्ली हाई कोर्ट ने मेट्रो केबल चोरी मामले में स्विगी डिलीवरी बॉय को ज़मानत देने से किया इनकार
दिल्ली हाई कोर्ट ने मेट्रो केबल चोरी के एक गंभीर मामले में स्विगी डिलीवरी बॉय को ज़मानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि यह कोई “नासमझी में की गई हरकत” नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी आपराधिक गतिविधि प्रतीत होती है, जिसका सीधा असर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ता है।
मामला उस समय सामने आया जब आरोपी को दिल्ली मेट्रो की केबल चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि चोरी की गई केबल मेट्रो संचालन के लिए बेहद अहम थी और इससे मेट्रो सेवाओं में बाधा उत्पन्न हो सकती थी। आरोपी ने खुद को एक साधारण डिलीवरी बॉय बताते हुए ज़मानत की मांग की, यह दलील देते हुए कि यह गलती अनजाने में हुई।
हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि मेट्रो जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा की केबल चोरी करना किसी भी तरह से हल्की या मासूम हरकत नहीं मानी जा सकती। न्यायालय के अनुसार, इस तरह के अपराध से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान होता है, बल्कि लाखों यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा भी खतरे में पड़ सकती है।
कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि आरोपी का पेशा उसे कानून से ऊपर नहीं बनाता। यदि ऐसे मामलों में नरमी बरती जाती है, तो यह समाज में गलत संदेश देगा और सार्वजनिक संपत्ति के खिलाफ अपराधों को बढ़ावा मिल सकता है। इसलिए, प्रथम दृष्टया मामले की गंभीरता को देखते हुए ज़मानत देना उचित नहीं है।
इस फैसले को मेट्रो सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत का यह रुख भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मददगार साबित हो सकता है और यह स्पष्ट संदेश देता है कि सार्वजनिक ढांचे से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।