The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 माता सुंदरी महिला महाविद्यालय में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ‘सारंग 2026’ का सफल आयोजन     🔴 Spoton Global Group के भव्य समारोह में 100+ छात्राओं का सम्मान, ‘आत्मनिर्भर महिला’ अभियान को मिली नई दिशा     🔴 दिल्लीफार्मास्युटिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमियों हेतुउद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित     🔴 विश्वविद्यालय का उद्देश्य खिलाड़ियों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है : अशोक कुमार कुलपति     🔴 दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की पहल: डिजिटल लोक अदालत से ट्रैफिक चालान निस्तारण हुआ आसान और पारदर्शी     🔴 एकंगरसराय में दर्दनाक हादसा: रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक की मौत     🔴 इस्लामपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: विशेष अभियान में दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए     🔴 वैलेंटाइन डे विवाद: युवक-युवती को अलग कर हाथ में थमाई हनुमान चालीसा, तस्वीर वायरल     🔴 बिहार के नालंदा में युवक की आत्महत्या: दीपनगर इलाके से दुखद घटना     🔴 दिल्ली में वैलेंटाइन डे पर सनसनी: विश्वास नगर के संतोष रेजिडेंसी होटल से युवती ने लगाई छलांग, हालत स्थिर    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

NCP मर्जर: ‘अंदरूनी मामला’ कैसे बन गया फडणवीस और शरद पवार की राजनीतिक लड़ाई

Politics  •  👁 9 views  •  03 Feb 2026
NCP मर्जर: ‘अंदरूनी मामला’ कैसे बन गया फडणवीस और शरद पवार की राजनीतिक लड़ाई
राष्ट्रीय राजनीति में हमेशा से ही राजनीतिक दलों के भीतर के फैसले केंद्र में रहते हैं, लेकिन महाराष्ट्र की सियासत में NCP (नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी) के मर्जर का मामला अब सीधे तौर पर बड़े नेताओं की राजनीतिक जंग में बदल गया है। मूल रूप से यह मर्जर का मामला पार्टी का “अंदरूनी मामला” माना जा रहा था, लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी सामने आई, यह फडणवीस और NCP प्रमुख शरद पवार के बीच एक खुली राजनीतिक लड़ाई का रूप ले गया।
NCP मर्जर के मुद्दे की शुरुआत तब हुई जब पार्टी के कुछ नेताओं ने महागठबंधन और बीजेपी/शिवसेना गठबंधन में अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए मर्जर के विकल्प पर विचार शुरू किया। इस दौरान पार्टी नेतृत्व ने इसे आंतरिक मामलों के दायरे में रखा। लेकिन बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप देकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की। उन्होंने मीडिया और विधानसभा में इस पर सवाल उठाकर शरद पवार की रणनीति को चुनौती दी।
शरद पवार ने भी पलटवार किया और कहा कि NCP की रणनीति और फैसले पार्टी के भीतर पूरी तरह से लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप पार्टी के आंतरिक मामलों को प्रभावित नहीं कर सकता।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला केवल पार्टी मर्जर का नहीं रह गया, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीतिक सत्ता में संतुलन और गठबंधन की दिशा तय करने वाला मुद्दा बन गया है। फडणवीस इसे BJP की ताकत दिखाने और विपक्षी दलों में असंतोष पैदा करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि NCP मर्जर के इस “अंदरूनी मामले” के राजनीतिकरण से अगले चुनाव और गठबंधन की रणनीति पर भी गहरा असर पड़ेगा। यह लड़ाई दिखाती है कि भारतीय राजनीति में आंतरिक पार्टी फैसलों को भी आसानी से सार्वजनिक और सत्ता संघर्ष के मंच पर लाया जा सकता है।