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‘उन्होंने मुझसे कहा कि मेरा बेटा और मैं अगले शिकार होंगे’: छत्तीसगढ़ में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान महिलाओं ने सुनाई खौफनाक दास्तान

Crime  •  👁 16 views  •  04 Feb 2026
‘उन्होंने मुझसे कहा कि मेरा बेटा और मैं अगले शिकार होंगे’: छत्तीसगढ़ में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान महिलाओं ने सुनाई खौफनाक दास्तान
छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा ने स्थानीय समुदाय में भय और असुरक्षा की स्थिति पैदा कर दी है। हिंसा के दौरान जिन घरों को निशाना बनाया गया, उन महिलाओं ने मीडिया को अपनी खौफनाक दास्तान सुनाई।
एक पीड़िता ने बताया, “उन्होंने मुझसे कहा कि मेरा बेटा और मैं अगले शिकार होंगे।” इस तरह की धमकियों और हमलों ने महिलाओं और बच्चों में गहरा डर और मानसिक आघात पैदा किया है। कई परिवारों ने अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि मामले की पूरी तरह से जांच की जा रही है और सुरक्षा बल सक्रिय हैं। हालांकि पीड़ितों का कहना है कि हिंसा के दौरान पुलिस और प्रशासनिक तंत्र तत्काल मदद पहुंचाने में असमर्थ रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं से सामाजिक सामंजस्य और भरोसा कमजोर होता है और स्थानीय समुदाय में भय का माहौल बन जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों के मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है जितना कि कानून प्रवर्तन।
सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्थानीय संगठनों और एनजीओ ने पीड़ितों के लिए कानूनी सहायता, आश्रय और भोजन की व्यवस्था की। महिलाएं अब अपनी सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर निरंतर चिंता में हैं।
यह घटना यह दिखाती है कि सांप्रदायिक हिंसा के नतीजे केवल भौतिक नुकसान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पीड़ितों के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक जीवन पर भी गहरा असर डालते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानून और सामुदायिक सहयोग दोनों आवश्यक हैं।