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अल्ज़ाइमर का जोखिम 8–10 गुना ज़्यादा: क्रिस हेम्सवर्थ ने कहा—‘यह मौत की सज़ा नहीं है’, थॉर के किरदार पर भरोसे को लेकर भी जताई चिंता

Entertainment  •  👁 7 views  •  05 Feb 2026
अल्ज़ाइमर का जोखिम 8–10 गुना ज़्यादा: क्रिस हेम्सवर्थ ने कहा—‘यह मौत की सज़ा नहीं है’, थॉर के किरदार पर भरोसे को लेकर भी जताई चिंता
हॉलीवुड स्टार और मार्वल यूनिवर्स के लोकप्रिय सुपरहीरो थॉर के रूप में पहचाने जाने वाले क्रिस हेम्सवर्थ ने अपनी सेहत को लेकर एक अहम खुलासा किया है। अभिनेता ने बताया कि उनमें एक ऐसा जेनेटिक रिस्क फैक्टर पाया गया है, जिसके कारण उन्हें अल्ज़ाइमर होने का खतरा सामान्य व्यक्ति की तुलना में 8 से 10 गुना ज़्यादा है।
क्रिस हेम्सवर्थ ने इस बारे में खुलकर बात करते हुए कहा कि यह जानकारी उनके लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण रही। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समय उन्हें यह भी सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि क्या लोग भविष्य में उन्हें थॉर जैसे ताकतवर किरदार में उसी भरोसे के साथ देख पाएंगे या नहीं। हालांकि, उन्होंने साफ कहा, “यह मौत की सज़ा नहीं है।”
अभिनेता ने ज़ोर देकर कहा कि अल्ज़ाइमर का बढ़ा हुआ जोखिम होने का मतलब यह नहीं है कि बीमारी निश्चित रूप से होगी। उन्होंने इसे जागरूकता और जीवनशैली में बदलाव का मौका बताया। क्रिस के अनुसार, सही खान-पान, नियमित व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान और तनाव कम करना ऐसे कदम हैं, जो जोखिम को संभालने में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस खुलासे के बाद उन्होंने काम से कुछ समय का ब्रेक लेने और परिवार के साथ वक्त बिताने का फैसला किया। उनके इस कदम को मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-देखभाल के प्रति एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक हस्तियों द्वारा इस तरह की ईमानदार बातचीत समाज में मानसिक और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से जुड़ी झिझक को कम करने में मदद करती है। इससे लोग समय रहते जांच, रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली को गंभीरता से लेने लगते हैं।
क्रिस हेम्सवर्थ की यह बात कई लोगों को उम्मीद देती है कि जोखिम जानना डर की नहीं, बल्कि तैयारी की वजह बन सकता है। उनका संदेश साफ है—बीमारी की आशंका ज़िंदगी को रोकने का नहीं, उसे बेहतर तरीके से जीने का संकेत हो सकती है।