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‘हर महीने एक खतरा’: बढ़ती स्कूल फीस पर नोएडा के डॉक्टर का वायरल गुस्सा बना बहस का मुद्दा

Education  •  👁 9 views  •  05 Feb 2026
‘हर महीने एक खतरा’: बढ़ती स्कूल फीस पर नोएडा के डॉक्टर का वायरल गुस्सा बना बहस का मुद्दा
देशभर में बढ़ती स्कूल फीस को लेकर अभिभावकों की चिंता एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा की वजह बने हैं नोएडा के एक डॉक्टर, जिनका स्कूल फीस पर भरा-भरा गुस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। डॉक्टर का कहना है कि निजी स्कूलों की फीस हर साल नहीं, बल्कि हर महीने एक नया आर्थिक खतरा बन चुकी है।
वायरल वीडियो में डॉक्टर ने कहा कि वे एक प्रोफेशनल होने के बावजूद बच्चों की शिक्षा का खर्च संभालने में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उनका आरोप है कि स्कूल बिना किसी पारदर्शिता के फीस बढ़ा रहे हैं और किताबें, यूनिफॉर्म, एक्टिविटी फीस व अन्य चार्जेस के नाम पर अभिभावकों पर लगातार बोझ डाला जा रहा है।
डॉक्टर ने यह भी सवाल उठाया कि जब स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं या शिक्षा की गुणवत्ता में कोई बड़ा सुधार नहीं दिखता, तो फिर फीस में इतनी तेज़ बढ़ोतरी क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं, लेकिन ऐसा लगता है जैसे हर महीने एक नया बिल हमारा इंतज़ार कर रहा है।”
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होते ही बहस तेज़ हो गई। कई अभिभावकों ने डॉक्टर के समर्थन में अपनी आपबीती साझा की, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि निजी स्कूलों की अपनी लागत और जिम्मेदारियां भी होती हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई बड़े शहरों में अभिभावक अनियंत्रित फीस वृद्धि से परेशान हैं। कई राज्यों में फीस रेगुलेशन कानून मौजूद हैं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठते रहे हैं।
नोएडा प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इस मामले पर संज्ञान लेने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि फीस बढ़ोतरी नियमों के खिलाफ पाई जाती है, तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह वायरल गुस्सा अब एक व्यक्ति की शिकायत नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग की सामूहिक चिंता बन चुका है—जहां शिक्षा अधिकार और आर्थिक दबाव के बीच संतुलन की मांग तेज़ हो रही है।