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दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की पहल: डिजिटल लोक अदालत से ट्रैफिक चालान निस्तारण हुआ आसान और पारदर्शी

Education   •   👁 27 views   •   16 Feb 2026
दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की पहल: डिजिटल लोक अदालत से ट्रैफिक चालान निस्तारण हुआ आसान और पारदर्शी
माननीय श्री न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव, न्यायाधीश, High Court of Delhi एवं कार्यकारी अध्यक्ष, डीएसएलएसए, तथा श्री राजीव बंसल, माननीय सदस्य सचिव, डीएसएलएसए के सक्षम नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में, दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिनांक 14 फरवरी, 2026 को दिल्ली के सभी जिला न्यायालय परिसरों में केवल यातायात चालानों के लिए एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। विद्युत मामलों के लिए भी स्थायी लोक अदालत (पीएलए) परिसरों में लोक अदालत पीठों का गठन किया गया।
वर्ष में चार बार आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालतों में 1,80,000 चालान डाउनलोड किए जाते हैं, तथा हाल ही में डीएसएलएसए द्वारा माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रतीक जालान, न्यायाधीश, High Court of Delhi की अध्यक्षता वाली समिति की अनुशंसाओं के अनुपालन में प्रारंभ की गई विशेष यातायात लोक अदालतों में 2,00,000 चालान डाउनलोड किए जाते हैं। प्रत्येक लोक अदालत में लगभग 1,30,000 यातायात चालानों का निस्तारण किया जा रहा है। ये चालान जनता द्वारा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल से डाउनलोड किए जाते हैं, और वर्तमान में निस्तारण की स्थिति को डीएसएलएसए के कर्मचारियों द्वारा मैन्युअली दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल एवं वर्चुअल कोर्ट पोर्टल पर अद्यतन किया जाता है, जो एक श्रमसाध्य एवं समय लेने वाली प्रक्रिया है और इसमें प्रायः डेढ़ महीने से अधिक का समय लग जाता है। जो नागरिक अपना चालान लोक अदालत में निपटाता है, उसकी वैध अपेक्षा होती है कि न्यायालय प्रणाली में उसका निस्तारण तुरंत प्रदर्शित हो, जो वर्तमान तंत्र में संभव नहीं है।
यातायात चालानों की भारी संख्या को देखते हुए, इस प्रक्रिया को जनता तथा लोक अदालत पीठों एवं कर्मचारियों के लिए सरल और पारदर्शी बनाया जाना आवश्यक है।
“डिजिटल लोक अदालत” एप्लिकेशन का ई-उद्घाटन माननीय श्री न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव, न्यायाधीश, High Court of Delhi एवं कार्यकारी अध्यक्ष द्वारा 13 फरवरी, 2026 को दिल्ली में लंबित 2.5 करोड़ से अधिक यातायात चालानों के विशाल लंबित भार को संबोधित करने हेतु किया गया। उक्त डिजिटल लोक अदालत एप्लिकेशन का पायलट आधार पर दिल्ली के सभी जिला न्यायालय परिसरों में परीक्षण किया गया, जिससे कार्य की पुनरावृत्ति समाप्त हो, मैनुअल श्रम में कमी आए तथा लोक अदालतों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित हो सके। सत्र का यूट्यूब लिंक: https://www.youtube.com/watch?v=pIoQPHJWc3g
यह डिजिटल लोक अदालत एप्लिकेशन निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करता है:
1. लोक अदालत में निपटाए गए यातायात चालानों के डाउनलोड, निस्तारण एवं अद्यतन हेतु एकीकृत डेटाबेस।
2. चालानों के निस्तारण के लिए बारकोड स्कैनर के उपयोग से कार्यप्रणाली में सरलता।
3. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर रियल टाइम अद्यतन तथा एपीआई के माध्यम से वर्चुअल कोर्ट पोर्टल पर डेटा एकीकरण।
4. वाहन पोर्टल पर मोबाइल नंबरों का समानांतर अद्यतन तथा पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर निस्तारण संबंधी एसएमएस सूचना।
डिजिटल लोक अदालत पोर्टल डीएसएलएसए, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र तथा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त प्रयास का परिणाम है।
आज की विशेष लोक अदालत में, श्री गुरविंदर पाल सिंह, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दक्षिण जिला न्यायालय परिसर; सुश्री निवेदिता अनिल शर्मा, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दक्षिण-पूर्व जिला न्यायालय परिसर तथा श्री राजीव बंसल, माननीय सदस्य सचिव, डीएसएलएसए ने वादकारियों के लिए समग्र व्यवस्थाओं की निगरानी की और साकेत जिला न्यायालय में लोक अदालत पीठों का निरीक्षण किया। उन्होंने वादकारियों से उनके मामलों एवं संभावित कठिनाइयों के संबंध में संवाद भी किया।
आज की विशेष लोक अदालत के दौरान, सुश्री तन्वी खुराना, माननीय विशेष सचिव, डीएसएलएसए ने नई दिल्ली जिला में व्यवस्थाओं की देखरेख हेतु पटियाला हाउस न्यायालयों का निरीक्षण किया। श्री अभिनव पांडेय, माननीय अतिरिक्त सचिव ने कड़कड़डूमा न्यायालय परिसर एवं तीस हजारी न्यायालय परिसर का दौरा कर पूर्व, उत्तर-पूर्व, शाहदरा, केंद्रीय एवं पश्चिम जिलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सुश्री भारती गर्ग, माननीय सचिव (विधि-व्यवहार) ने रोहिणी न्यायालय परिसर का दौरा कर उत्तर एवं उत्तर-पश्चिम जिलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा सुश्री स्वाति भारद्वाज, सचिव (विधिक सहायता) ने दक्षिण-पश्चिम जिला की व्यवस्थाओं की निगरानी हेतु द्वारका न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायालय परिसरों का भ्रमण कर लोक अदालत पीठों की अध्यक्षता कर रहे न्यायिक अधिकारियों से संवाद किया तथा वादकारियों से उनके मामलों एवं अनुभवों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
डीएसएलएसए को आशा है कि यह पहल दिल्ली के नागरिकों के लिए न्याय वितरण सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करेगी, विशेषकर यातायात चालानों की भारी लंबित संख्या एवं निस्तारण की स्थिति के अद्यतन में हो रही देरी की समस्या का समाधान करेगी।
दिल्ली भर के नागरिकों ने विशेष लोक अदालत में सक्रिय भागीदारी की तथा सामान्यतः लोक अदालतों में निस्तारण एवं रसीद प्राप्ति हेतु लगने वाली लंबी कतारों की तुलना में इस प्रक्रिया की सरलता की व्यापक सराहना की। जनता ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर रियल टाइम अद्यतन एवं उनके व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों पर प्राप्त पुष्टि एसएमएस की भी सराहना की, जिससे किसी अतिरिक्त अनुवर्ती कार्रवाई की आवश्यकता समाप्त हो गई। न्यायिक अधिकारियों ने भी इस परिवर्तनकारी पहल की प्रशंसा की तथा न्यायालय कर्मियों ने मैनुअल अद्यतन की समय-साध्य एवं श्रमसाध्य जिम्मेदारियों से राहत मिलने पर संतोष व्यक्त किया, जो पूर्व में विशेष लोक अदालत के बाद कई दिनों तक उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही थीं। प्रारंभिक तकनीकी समस्याओं के बावजूद, दिनांक 14.02.2026 को आयोजित डिजिटल लोक अदालत अत्यंत सफल पहल सिद्ध हुई।
विशेष लोक अदालत में डीएसएलएसए द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी न्यायालय परिसर में अत्यधिक भीड़ न हो। आगंतुकों के लिए हेल्प डेस्क, व्हीलचेयर, रैंप, शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सुरक्षित एवं सुचारु अनुभव हेतु पर्याप्त पुलिस एवं सुरक्षा व्यवस्था भी की गई। प्रत्येक न्यायालय परिसर के प्रवेश द्वार पर विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए गए, ताकि विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु आने वाले लोगों को आवश्यक सहायता एवं जानकारी प्रदान की जा सके।