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‘शाम 6 से रात 9 बजे तक खतरनाक घंटे’: हिमाचल के DGP ने सड़क हादसों को रोकने ज़ीरो-टॉलरेंस अभियान शुरू किया

National  •  👁 7 views  •  05 Feb 2026
‘शाम 6 से रात 9 बजे तक खतरनाक घंटे’: हिमाचल के DGP ने सड़क हादसों को रोकने ज़ीरो-टॉलरेंस अभियान शुरू किया
हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य पुलिस ने एक नया कदम उठाया है। राज्य के DGP ने हाल ही में एक ज़ीरो-टॉलरेंस अभियान की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य सड़क हादसों की संख्या को कम करना और ड्राइवरों में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
DGP ने कहा कि शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक के घंटे विशेष रूप से खतरनाक माने जाते हैं। इस दौरान अक्सर तेज रफ्तार वाहन, शराब पीकर गाड़ी चलाना और सड़क पर लापरवाही के कारण हादसे होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस समय सड़क पर किसी भी तरह की उल्लंघन की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अभियान के तहत पुलिस सड़क पर नाके और मोबाइल पेट्रोलिंग बढ़ाएगी। शराब पीकर गाड़ी चलाने, हेलमेट न पहनने, सीट बेल्ट न बांधने और तेज़ रफ्तार जैसी लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। DGP ने यह भी कहा कि यह अभियान केवल जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि शाम 6 से रात 9 बजे तक का समय ट्रैफिक और पैदल चलने वालों दोनों के लिए सबसे रिस्की समय होता है। इस दौरान अंधेरा होने के कारण विज़िबिलिटी कम हो जाती है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
राज्य सरकार और पुलिस दोनों का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जनता में जागरूकता बढ़े और दुर्घटनाओं से होने वाले मानव और आर्थिक नुकसान को कम किया जा सके।
हिमाचल प्रदेश के नागरिकों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। DGP ने अंत में कहा, “हमारा मकसद केवल जुर्माना नहीं, बल्कि जीवन बचाना है। सुरक्षा का पालन हर ड्राइवर की जिम्मेदारी है।”