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कर्नाटक हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकारा: राइट-विंग एक्टिविस्ट्स को इवेंट में बोलने से रोकना नहीं, ‘मनमर्जी नहीं चलेगी’

National   •   👁 36 views   •   06 Feb 2026
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकारा: राइट-विंग एक्टिविस्ट्स को इवेंट में बोलने से रोकना नहीं, ‘मनमर्जी नहीं चलेगी’
बेंगलुरु (कर्नाटक): कर्नाटक हाई कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा है कि वह राइट-विंग एक्टिविस्ट्स को किसी कार्यक्रम में बोलने से मनमानी तरीके से नहीं रोक सकती। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस को केवल संबंधित मामलों और कानून के दायरे में ही कार्रवाई करने का अधिकार है और व्यक्तिगत विवेक से किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
मामला तब सामने आया जब कुछ राइट-विंग एक्टिविस्ट्स को राज्य में आयोजित एक इवेंट में बोलने से पुलिस ने रोक दिया। पुलिस का तर्क था कि उनके संबोधन से कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, लेकिन हाई कोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, “कानून व्यवस्था बनाए रखना ज़रूरी है, लेकिन यह व्यक्तिगत मनमर्जी से नहीं किया जा सकता। केवल पूर्व केस या स्पष्ट कानूनी आधार पर ही रोक लगाई जा सकती है।”
हाई कोर्ट ने यह भी नोट किया कि भारत का संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है और किसी व्यक्ति को उसके विचार व्यक्त करने से रोकना तभी उचित है जब यह स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन करता हो। न्यायालय ने निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी किसी भी कार्रवाई में पुलिस उचित प्रक्रिया का पालन करे और किसी भी तरह के मनमाने निर्णय से बचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश पुलिस और प्रशासन को यह याद दिलाने के लिए अहम है कि लोकतांत्रिक ढांचे में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक आयोजनों में भागीदारी की स्वतंत्रता सुरक्षित रखी जानी चाहिए।
यह मामला पूरे राज्य में न्यायपालिका की सक्रियता और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक उदाहरण माना जा रहा है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून के दायरे में रहकर ही किसी भी गतिविधि पर नियंत्रण किया जा सकता है, और मनमानी कार्रवाई कतई स्वीकार्य नहीं है।