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डीपीएसआरयू ने की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

Education  •  👁 19 views  •  05 Feb 2026
डीपीएसआरयू ने की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
डीपीएसआरयू-सीआरटीडीएच केंद्र नेडीपीएसआरयू-डीआईआईएफ के सहयोग से “यूरोप में व्यवसायप्रोत्साहन को बढ़ावा देने हेतु पीयूएम के माध्यम से स्टार्टअप्स, एमएसई, इन्क्यूबेट्स एवं इन्क्यूबेशन केंद्रों को समर्थन” विषय पर एक अंतरराष्ट्रीयसंगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेजएंड रिसर्च यूनिवर्सिटी में किया। इस कार्यक्रम में लगभग 60 स्टार्टअप्स, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई), इन्क्यूबेट्स, उद्यमियों तथा संकायसदस्यों ने भाग लिया।
यह संगोष्ठी भारत सरकार द्वारा देश की वैश्विक औषधि एवं जैवप्रौद्योगिकी क्षेत्र में उपस्थिति को सुदृढ़ करने हेतु हाल ही में शुरू की गईनीतिगत पहलों के अनुरूप आयोजित की गई। चर्चा के प्रमुख विषयों मेंभारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता शामिल रहा, जिससे यूरोपीयऔषधि एवं चिकित्सा उपकरण बाजारों तक महत्वपूर्ण पहुंच मिलने कीसंभावना है। साथ ही, संघीय बजट 2026 में प्रारम्भ किए गए बायोफार्माशक्ति कार्यक्रम पर भी प्रकाश डाला गया, जिसका उद्देश्य जैविकऔषधियों एवं बायोसिमिलर्स के क्षेत्र में देश की क्षमताओं को सुदृढ़करना है।
विशेषज्ञ व्याख्यान पीयूएम नीदरलैंड्स से लीला डायस एवं पुनीत रमनद्वारा प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने पीयूएम की भूमिका पर प्रकाश डालतेहुए बताया कि यह संस्था रणनीतिक व्यवसाय विकास, नियामकीयअनुपालन, प्रक्रिया अनुकूलन, उत्पाद विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोगको बढ़ावा देने में उद्यमों का समर्थन करती है, विशेष रूप से यूरोपीयबाजारों में प्रवेश करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए।
इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. रवि चंद्रन वी. ने विश्वविद्यालय के सुदृढ़ शोध पारिस्थिति की तंत्र, उन्नत इन्क्यूबेशन सुविधाओं तथा गुडमैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) अवसंरचना पर प्रकाश डाला। उन्होंनेनवाचार आधारित उद्यमिता एवं वैश्विक सहभागिता को सुदृढ़ करने केलिए पीयूएम के साथ सहयोगात्मक पहलों की संभावनाओं को भीरेखांकित किया।
कुलपति ने विजय गौड़ ब्यूरो चीफ को बताया कि संगोष्ठी के दौरान एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमेंउद्यमियों एवं स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने पीयूएम प्रतिनिधिमंडल के साथसीधे संवाद कर व्यवसाय विस्तार की चुनौतियों, सहयोग के अवसरों तथामार्गदर्शन से संबंधित विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम का समापनडीपीएसआरयू की शोध, विकास एवं इन्क्यूबेशन सुविधाओं के निर्देशितभ्रमण के साथ हुआ, जिससे प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय की उन्नतनवाचार एवं प्रौद्योगिकी विकास क्षमताओं की जानकारी प्राप्त हुई।