The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 ‘उनसे पूछो… अल-इत्तिहाद के खिलाड़ियों से पूछो’: पूर्व क्लब को अलविदा न कहने पर करीम बेंजेमा का करारा जवाब     🔴 मध्य प्रदेश 2026 में 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आयोजित करेगी     🔴 जापान ने पर्यटकों के बुरे व्यवहार के कारण माउंट फ़ूजी चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल रद्द किया     🔴 RBI ने MSMEs के लिए बिना गारंटी वाले लोन की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया     🔴 RBI ने ग्राहकों को छोटे फ्रॉड से बचाने के लिए तय की 25,000 रुपये की मुआवज़े की सीमा     🔴 हाईकोर्ट ने रिश्वत मांगने वाले वकील को जमानत देने से किया इनकार, कहा – 'अपमानजनक हरकत'     🔴 “कर्नाटक कैबिनेट ने GBA क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 42 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंज़ूरी दी”     🔴 चेल्सी के बॉस लियाम रोज़ेनियर ने आर्सेनल के खिलाफ गुस्से की वजह बताई: 'फुटबॉल में कुछ तौर-तरीके होते हैं'     🔴 जिम्मेदारी लें: HERizon Care के साथ सर्वाइकल कैंसर से बचाव करें     🔴 टेक-इनेबल्ड गुड्स ट्रांसपोर्टेशन MSMEs के लिए लॉजिस्टिक्स लागत कम करती हैं: C-DEP-IIT दिल्ली स्टडी    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

हाईकोर्ट ने रिश्वत मांगने वाले वकील को जमानत देने से किया इनकार, कहा – 'अपमानजनक हरकत'

Crime  •  👁 7 views  •  06 Feb 2026
हाईकोर्ट ने रिश्वत मांगने वाले वकील को जमानत देने से किया इनकार, कहा – 'अपमानजनक हरकत'
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उस वकील को जमानत देने से साफ़ इंकार कर दिया है, जिस पर आरोप है कि उसने एक ज्यूडिशियल ऑफिसर को प्रभावित करने के लिए 30 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का प्रयास किया था। अदालत ने इस मामले को गंभीर बताते हुए इसे एक “अपमानजनक हरकत” करार दिया।
सूत्रों के अनुसार, वकील पर आरोप है कि उसने न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के लिए ज्यूडिशियल अधिकारी से रिश्वत मांगी। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का कृत्य न्यायिक प्रणाली की साख और विश्वास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
अदालत ने यह भी कहा कि यदि ऐसे आरोपियों को जमानत मिलती है, तो इससे कानून और न्याय की गरिमा पर प्रश्न उठ सकते हैं। इस फैसले में हाईकोर्ट ने स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियों को दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यूडिशियल अधिकारियों को प्रभावित करने का प्रयास एक गंभीर अपराध है, और इसके लिए किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रणाली में रिश्वत और प्रभाव डालने की कोशिशों को कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मामले में पंजाब पुलिस पहले ही आरोपी वकील के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, और जांच जारी है। अब हाईकोर्ट का निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि जांच प्रक्रिया बिना किसी बाहरी दबाव के पूरी की जा सके।
वकील की जमानत खारिज होने के बाद, न्यायिक प्रक्रिया और कानून के प्रति सार्वजनिक विश्वास को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण संदेश गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से कानून व्यवस्था में सख्ती और निष्पक्षता का संदेश मिलेगा।