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साकेत कोर्ट क्लर्क की कथित आत्महत्या: दिल्ली HC ने ऑडिट और क्लास 3 पदों के काम की समीक्षा की मांग की

law  •  👁 15 views  •  21 Jan 2026
साकेत कोर्ट क्लर्क की कथित आत्महत्या: दिल्ली HC ने ऑडिट और क्लास 3 पदों के काम की समीक्षा की मांग की
दिल्ली में साकेत कोर्ट के एक क्लर्क की कथित आत्महत्या के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कदम उठाया है। अदालत ने खाली पदों की जानकारी जुटाने और क्लास 3 कर्मचारियों के काम को तर्कसंगत बनाने के लिए ऑडिट चलाने का आदेश दिया है।

जानकारी के अनुसार, इस क्लर्क ने कथित रूप से अत्यधिक काम और मानसिक दबाव के चलते यह कदम उठाया। इससे अदालत और प्रशासन दोनों के सामने यह सवाल खड़ा हुआ कि न्यायालय के क्लर्क और अन्य सहायक स्टाफ पर कार्यभार कितना उचित है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्मूल्यांकन और आवश्यकतानुसार सुधार जरूरी है।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि खाली पदों और असाइनमेंट की समीक्षा करके यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी कर्मचारी अत्यधिक दबाव में न रहे। इस ऑडिट का उद्देश्य सभी क्लास 3 और अन्य सहायक कर्मचारियों के काम को संतुलित और तर्कसंगत बनाना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायालयों में कर्मचारियों का मानसिक स्वास्थ्य और कार्यभार संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है। कर्मचारियों के लिए पर्याप्त रिक्तियों और उचित काम के वितरण से कार्यक्षमता बढ़ती है और तनाव कम होता है।
साकेत कोर्ट क्लर्क की यह दुखद घटना यह याद दिलाती है कि सरकारी और न्यायालयीन स्टाफ के काम का पुनर्मूल्यांकन और निगरानी समय की मांग है। दिल्ली HC का यह कदम न केवल न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाएगा बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

संक्षेप में, अदालत का ऑडिट आदेश क्लास 3 कर्मचारियों के कार्यभार में संतुलन लाने और न्यायालयीन स्टाफ के हित में सुधार करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।