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“कर्नाटक हाई कोर्ट ने रिसर्च ड्रोन दुर्घटना मामले में कंपनी के खिलाफ जांच पर रोक लगाई”

law  •  👁 6 views  •  06 Feb 2026
“कर्नाटक हाई कोर्ट ने रिसर्च ड्रोन दुर्घटना मामले में कंपनी के खिलाफ जांच पर रोक लगाई”
कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक रिसर्च ड्रोन के रिहायशी इलाके में गिरने के बाद कंपनी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में जांच पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह घटना उस समय हुई जब ड्रोन, जो शोध और तकनीकी परीक्षण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, गलती से एक आवासीय क्षेत्र में गिर गया।
घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने ड्रोन संचालित करने वाली कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था, जिसमें सुरक्षा उल्लंघन और संभावित नुकसान के आरोप शामिल थे। हालांकि, कंपनी की तरफ से अदालत में यह तर्क रखा गया कि ड्रोन दुर्घटना अचानक हुई और इसे किसी जानबूझकर लापरवाही का परिणाम नहीं माना जा सकता, और मामले की जांच में तकनीकी विशेषज्ञों की राय आवश्यक है।
हाई कोर्ट ने अपनी अंतरिम आदेश में कहा कि मामले की संपूर्ण जांच से पहले किसी तरह की आपराधिक कार्रवाई को रोका जाए, ताकि कंपनी और संबंधित पक्ष आवश्यक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कर सकें। कोर्ट ने इस दौरान ड्रोन दुर्घटना के कारण हुए नुकसान और सुरक्षा मानकों की विस्तृत समीक्षा के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित करने का भी निर्देश दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से ड्रोन टेक्नोलॉजी के सुरक्षित उपयोग और नियामक ढांचे को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में लापरवाही साबित होती है, तो आगे कानूनी कार्रवाई की अनुमति होगी।
इस घटना ने ड्रोन संचालन और सुरक्षा नियमों पर एक बार फिर से ध्यान केंद्रित किया है। हाई कोर्ट का यह फैसला न केवल संबंधित कंपनी के लिए राहत का कारण है, बल्कि यह भारत में ड्रोन तकनीक के परीक्षण और नियमन के महत्व को भी उजागर करता है।
कुल मिलाकर, कर्नाटक हाई कोर्ट की यह अंतरिम रोक जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता और विशेषज्ञ मूल्यांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दी गई है।