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‘न तो नैनी, न ही घरेलू नौकरानी’: शहरी भारत होम मैनेजर के लिए हर महीने ₹1 लाख क्यों दे रहा है

social  •  👁 7 views  •  06 Feb 2026
‘न तो नैनी, न ही घरेलू नौकरानी’: शहरी भारत होम मैनेजर के लिए हर महीने ₹1 लाख क्यों दे रहा है
शहरी भारत में घर की जिम्मेदारियों को संभालने का तरीका बदल रहा है। अब पारंपरिक नैनी या घरेलू नौकरानी की जगह, प्रोफेशनल होम मैनेजर की मांग तेजी से बढ़ रही है। बड़े शहरों में फैमिली और वर्क-लाइफ बैलेंस की चुनौती ने कई घरों को हर महीने ₹1 लाख तक भुगतान करने वाले होम मैनेजर रखने पर मजबूर कर दिया है।
होम मैनेजर सिर्फ घर की सफाई या बच्चों की देखभाल नहीं करते, बल्कि वे खरीदारी, बिल भुगतान, घरेलू बजट मैनेजमेंट, रसोई प्रबंधन और समय-सारणी की देखभाल जैसी जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। शहरी परिवार, खासकर दोनों पैरेंट्स कामकाजी होने के कारण, इन पेशेवर सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रवृत्ति शहरी जीवनशैली, बढ़ती आमदनी और व्यस्त जीवन का परिणाम है। पारंपरिक नौकरानी की तुलना में होम मैनेजर अधिक प्रशिक्षित, भरोसेमंद और पेशेवर होते हैं। वे परिवार की गोपनीयता का सम्मान करते हैं और घर के कामकाज को वैज्ञानिक तरीके से संभालते हैं।
डेटा से पता चलता है कि मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे शहरों में हर महीने ₹80,000 से ₹1.2 लाख तक वेतन पर होम मैनेजर की नियुक्ति हो रही है। इसका कारण केवल कामकाज की दक्षता नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वसनीयता और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाना भी है।
कुल मिलाकर, शहरी भारत में होम मैनेजर की बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि परिवार अब सिर्फ समय बचाने के लिए नहीं, बल्कि घर की सही मैनेजमेंट और जीवन स्तर सुधारने के लिए पेशेवर सेवाओं को अपनाते हैं।