The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 ‘उनसे पूछो… अल-इत्तिहाद के खिलाड़ियों से पूछो’: पूर्व क्लब को अलविदा न कहने पर करीम बेंजेमा का करारा जवाब     🔴 मध्य प्रदेश 2026 में 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आयोजित करेगी     🔴 जापान ने पर्यटकों के बुरे व्यवहार के कारण माउंट फ़ूजी चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल रद्द किया     🔴 RBI ने MSMEs के लिए बिना गारंटी वाले लोन की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया     🔴 RBI ने ग्राहकों को छोटे फ्रॉड से बचाने के लिए तय की 25,000 रुपये की मुआवज़े की सीमा     🔴 हाईकोर्ट ने रिश्वत मांगने वाले वकील को जमानत देने से किया इनकार, कहा – 'अपमानजनक हरकत'     🔴 “कर्नाटक कैबिनेट ने GBA क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 42 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंज़ूरी दी”     🔴 चेल्सी के बॉस लियाम रोज़ेनियर ने आर्सेनल के खिलाफ गुस्से की वजह बताई: 'फुटबॉल में कुछ तौर-तरीके होते हैं'     🔴 जिम्मेदारी लें: HERizon Care के साथ सर्वाइकल कैंसर से बचाव करें     🔴 टेक-इनेबल्ड गुड्स ट्रांसपोर्टेशन MSMEs के लिए लॉजिस्टिक्स लागत कम करती हैं: C-DEP-IIT दिल्ली स्टडी    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

बसंत पंचमी के पावन पर्व पर विशेष रूप से विस्तार से चर्चा

Festival  •  👁 52 views  •  24 Jan 2026
बसंत पंचमी के पावन पर्व पर विशेष रूप से विस्तार से चर्चा
अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट की महिला शक्ति ने विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए बताया कि सरस्वती पूजा केवल एक देवी की आराधना नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन में भाषा, ज्ञान, संगीत और समझ के महत्व को दर्शाती है. यह पर्व हमें याद दिलाता है कि बोलना, लिखना और सीखना कोई साधारण बात नहीं, बल्कि एक दिव्य देन है. इसी वजह से सदियों से वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की परंपरा चली आ रही है
सादगी और निर्मलता को दर्शाता है पीला रंग हर रंग की अपनी खासियत है जो हमारे जीवन पर गहरा असर डालती है। हिन्दू धर्म में पीले रंग को शुभ माना गया है। पीला रंग शुद्ध और सात्विक प्रवृत्ति का प्रतीक माना जाता है। आत्मा से जोड़ने वाला रंग फेंगशुई ने भी इसे आत्मिक रंग अर्थात आत्मा या अध्यात्म से जोड़ने वाला रंग बताया है। फेंगशुई के सिद्धांत ऊर्जा पर आधारित हैं। पीला रंग सूर्य के प्रकाश का है सक्रिय होता है दिमाग मान्यता है कि यह रंग डिप्रेशन दूर करने में कारगर है।
पौराणिक कथा सृष्टि की रचना के समय ब्रह्माजी ने महसूस किया कि जीवों की सर्जन के बाद भी चारों ओर मौन छाया रहता है। उन्होंने विष्णुजी से अनुमति लेकर अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे पृथ्वी पर एक अद्भुत शक्ति प्रकट हुई। छह भुजाओं वाली इस शक्ति रूप स्त्री के एक हाथ में पुस्तक, दूसरे में पुष्प, तीसरे और चौथे हाथ में कमंडल और बाकी के दो हाथों में वीणा और माला थी। ब्रह्माजी ने देवी से वीणा बजाने का अनुरोध किया। जैसे ही देवी ने वीणा का मधुरनाद किया, चारों ओर ज्ञान और उत्सव का वातावरण फैल गया, वेदमंत्र गूंज उठे। ऋषियों की अंतःचेतना उन स्वरों को सुनकर झूम उठी। ज्ञान की जो लहरियां व्याप्त हुईं, उन्हें ऋषिचेतना ने संचित कर लिया। इसी दिन को बंसत पंचमी के रूप में मनाया जाता है।पीले चावल खिलाना भोजन कराना विद्या का सामान वितरण करने से ज्ञान समृद्धि व पुण्य की प्राप्ति होती है। सरस्वतीमाँ की पूजा होती है। इसी भाव को लेकर ट्रस्ट के सचिव पंडित तरसेम वत्स ने बताया और कि भारी बरसात होने पर तिरखा कॉलोनी शिव मंदिर पर ट्रस्ट की महिलाओं ने गरम गरम मीठा पीला पुलाव व समोसे बांटे। कामकाजी महिलाएं
ने प्रसाद ग्रहण किया। सभी को गरम गरम समोसे खिलाए गए। बरसात में की गई सेवा से सभी अपने आप मैं बहुत खुश थे स्वयं को। सौभाग्यशाली महसूस कर रहे थे। यह सेवा बहुत ही सुचारू ढंग से संपन्न हुई करन वीर, दीपिका आनंद
व देव ठाकुर भी सेवा में शामिल थे। इस तरह त्यौहार मनाना सेवा करना किसी भी तरह की मदद करना हम भारतीयों की पहचान है हमारी संस्कृति का संरक्षण संवर्धन होता है।