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AIIMS सुपरबग्स के खिलाफ लड़ाई में आगे: एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस को धीमा करने में रिसर्चर्स की भूमिका

Health  •  👁 21 views  •  26 Jan 2026
AIIMS सुपरबग्स के खिलाफ लड़ाई में आगे: एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस को धीमा करने में रिसर्चर्स की भूमिका
नई दिल्ली: जैसे-जैसे एंटीबायोटिक्स पर सुपरबग्स की पकड़ बढ़ रही है, AIIMS के रिसर्चर्स एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) को धीमा करने के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। एंटीबायोटिक दवाओं की प्रभावशीलता घटने से संक्रमण के उपचार में गंभीर चुनौतियां सामने आ रही हैं।
AIIMS के विशेषज्ञों ने बताया कि सुपरबग्स – यानी ऐसी बैक्टीरिया जो अधिकांश एंटीबायोटिक्स को निष्प्रभावी बना देते हैं – तेजी से फैल रहे हैं। इसका कारण एंटीबायोटिक दवाओं का अत्यधिक और गलत इस्तेमाल, अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण की कमी और जनता में जागरूकता की कमी है।
AI और मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल करके रिसर्चर्स अब बैक्टीरिया के प्रतिरोध पैटर्न को ट्रैक कर रहे हैं। यह तकनीक यह पहचानने में मदद करती है कि कौन से बैक्टीरिया किन एंटीबायोटिक्स के प्रति प्रतिरोधी हैं, और नई दवाओं या उपचार रणनीतियों को विकसित करने में मदद करती है।
इसके अलावा, AIIMS की टीम ने अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल, सटीक दवा डोजिंग और सुरक्षा मानक लागू करने पर भी जोर दिया है। यह कदम न केवल मरीजों को सुरक्षित रखने में मदद करता है, बल्कि सुपरबग्स के फैलाव को भी रोकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को धीमा करना केवल दवाओं पर निर्भर नहीं है। टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स और जागरूकता को मिलाकर ही भविष्य में सुपरबग्स के खतरे को कम किया जा सकता है।
AIIMS की पहल यह दिखाती है कि आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान और AI का संयोजन संक्रमण से लड़ने और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस पर काबू पाने के लिए कितना महत्वपूर्ण है।