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मद्रास हाई कोर्ट ने श्रीलंकाई शरणार्थी की नौकरी समाप्ति का फैसला रद्द किया, गैर-नागरिक भी दायर कर सकते हैं रिट

law  •  👁 8 views  •  28 Jan 2026
मद्रास हाई कोर्ट ने श्रीलंकाई शरणार्थी की नौकरी समाप्ति का फैसला रद्द किया, गैर-नागरिक भी दायर कर सकते हैं रिट
चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा एक श्रीलंकाई शरणार्थी की नौकरी खत्म करने के फैसले को रद्द कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गैर-नागरिक भी राज्य और सरकारी एजेंसियों के खिलाफ रिट याचिका दायर कर सकते हैं, यदि उनका मौलिक अधिकार या रोजगार कानूनी दायरे में प्रभावित हुआ हो।
इस मामले में, श्रीलंकाई शरणार्थी ने आरोप लगाया था कि उसे बिना उचित कारण और प्रक्रिया के नौकरी से निकाला गया। बैंक ने तर्क दिया कि वह विदेशी नागरिक हैं और इसलिए उनका रोजगार समाप्त करना वैध था। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि नौकरी समाप्त करने का निर्णय न्यायसंगत प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप नहीं था।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिट याचिका केवल भारतीय नागरिकों के लिए ही नहीं है, बल्कि यह उन व्यक्तियों के लिए भी खुला है जो भारत में वैध रूप से रह रहे हैं और जिनके अधिकार प्रभावित हुए हैं। अदालत ने नोट किया कि शरणार्थियों के भी रोजगार और न्यायिक सुरक्षा के अधिकार होते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला देश में शरणार्थियों और विदेशी कर्मचारियों के लिए नौकरी सुरक्षा और कानूनी संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। कोर्ट का यह रुख यह दर्शाता है कि संवैधानिक अधिकार और न्यायिक प्रक्रिया में गैर-नागरिकों की सुरक्षा भी शामिल है।
मामला इस बात की ओर भी इशारा करता है कि बड़े सरकारी संस्थान और बैंक भी विदेशी कर्मचारियों के अधिकारों का पालन करें, और नौकरी समाप्ति के मामलों में उचित प्रक्रिया अपनाएं।
इस फैसले से शरणार्थियों और विदेशी नागरिकों को न्याय पाने की राह में विश्वास बढ़ा है और यह पूरे देश में रोजगार और मानवाधिकार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।