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क्या बाइक पर दो सवार बैठाना लापरवाही है? केरल हाई कोर्ट ने कानून की स्थिति साफ की

law  •  👁 11 views  •  28 Jan 2026
क्या बाइक पर दो सवार बैठाना लापरवाही है? केरल हाई कोर्ट ने कानून की स्थिति साफ की
कोच्चि: मोटरसाइकिल पर पीछे दो लोगों को बैठाना क्या अपने आप में लापरवाही माना जाएगा? इस अहम सवाल पर केरल हाई कोर्ट ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि केवल दो सवार बैठाने के आधार पर किसी चालक को आपराधिक लापरवाही का दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि इससे दुर्घटना हुई या यातायात नियमों का उल्लंघन हुआ।
यह मामला एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा था, जिसमें अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि बाइक पर दो लोगों को पीछे बैठाने के कारण वाहन असंतुलित हुआ और हादसा हुआ। हालांकि, हाई कोर्ट ने कहा कि मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत किसी कृत्य को लापरवाही मानने के लिए यह दिखाना जरूरी है कि चालक ने जानबूझकर या स्पष्ट रूप से जोखिम भरा व्यवहार किया।
अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि कई मोटरसाइकिलें डिज़ाइन के अनुसार दो सवारों के लिए बनी होती हैं, और यदि वाहन क्षमता के भीतर है, चालक के पास वैध लाइसेंस है और सुरक्षा नियमों का पालन किया गया है, तो इसे अपने आप में लापरवाही नहीं कहा जा सकता।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बाइक पर क्षमता से अधिक लोग बैठाए जाएँ, हेलमेट न पहना जाए, या तेज़ रफ्तार जैसी परिस्थितियाँ हों, तो इसे लापरवाही और यातायात नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही की परिभाषा को अधिक स्पष्ट करता है। इससे यह भी संदेश जाता है कि हर दुर्घटना को केवल अनुमान के आधार पर आपराधिक मामले में नहीं बदला जा सकता।
केरल हाई कोर्ट का यह निर्णय ड्राइवर्स के अधिकार और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन स्थापित करता है और भविष्य के मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल माना जा रहा है।