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मुंबई वायु प्रदूषण: HC ने ‘अपर्याप्त’ निगरानी पर जताई गहरी चिंता, मॉनिटरिंग और नियम पालन के लिए पैनल गठित

Environment   •   👁 30 views   •   29 Jan 2026
मुंबई वायु प्रदूषण: HC ने ‘अपर्याप्त’ निगरानी पर जताई गहरी चिंता, मॉनिटरिंग और नियम पालन के लिए पैनल गठित
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई और नवी मुंबई में वायु प्रदूषण नियंत्रण पर चल रही नागरिक निगरानी को “अपर्याप्त” करार देते हुए कड़े शब्दों में चिंता जताई है और इसके पालन‑पुालन का निरीक्षण करने के लिए एक उच्च‑स्तरीय पैनल (High‑Powered Committee) गठित करने का निर्णय लिया है। न्यायालय ने कहा है कि पिछले आदेशों, रिपोर्टों और जिम्मेदार एजेंसियों के दावों के बावजूद शहर का वायु गुणवत्ता स्तर अपेक्षित रूप से सुधर नहीं पाया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल अनुपालन हलफनामा दाखिल करना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि प्रदूषण के स्तर में कोई उल्लेखनीय गिरावट नहीं देखी जा रही है। बेंच के बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि लगभग 477 स्थानों पर वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग उपकरण नहीं लगाए गए हैं और निर्माण स्थलों सहित कई जगहों पर निरीक्षण ठीक से नहीं हो रहा है। मुंबई निगम और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और जांच रिपोर्टों को न्यायालय ‘संतोषजनक’ नहीं मान रहा है।
नया पैनल एक पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश की अगुवाई में तकनीकी और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ काम करेगा। इसका प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक निकाय, निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अपने दायित्वों का कड़ाई से पालन करें और आवश्यक कदम उठाएं ताकि शहर में वायु गुणवत्ता बेहतर हो सके। न्यायालय ने कहा कि वह मौजूदा तकनीकी समितियों को भंग नहीं करना चाहता, बल्कि उन्हें समर्थन देते हुए इस उच्च‑स्तरीय समिति के माध्यम से नियमित निगरानी कराएगा।
न्यायालय ने यह भी कहा कि केवल अधिकारियों द्वारा “कड़ी मेहनत” करने के दावे नाकाफी हैं; परिणाम‑आधारित कार्रवाई और नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित कर सकता है। न्यायालय की यह पहल मुंबई जैसे महानगर में स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।