The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 कुल 1,54,656 मामलों का निपटारा किया गया तथा दिल्ली भर में 1,26,399 ट्रैफिक चालानों का निपटारा कर बनाया रिकॉर्ड     🔴 कड़ी मेहनत और निरंतर सीख ही सफलता की कुंजी : प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे अध्यक्ष राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड     🔴 के. आर. एम. यू. के 7वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीयप्रत्यायन बोर्ड के अध्यक्ष प्रो अनिल डी. सहस्रबुद्धे होंगे मुख्य अतिथि     🔴 DPSRU में 'भूमि सुपोषण संगोष्ठी 2026' का आयोजन: मृदा स्वास्थ्य से विकसित भारत की ओर एक कदम     🔴 विक्रम राठौड़ गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, के सलाहकार जनसंपर्क मनोनीत     🔴 कार्यशाला से विद्यार्थी केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक कार्य करने का अनुभव भी प्राप्त करते हैं : अशोक कुमार (आईपीएस, सेवानिवृत्त) कुलपति     🔴 बहादुरी और तत्परता से टला बड़ा हादसा: पालिका मुख्य सुरक्षा अधिकारी राजीव कुमार ढाका बने मिसाल     🔴 प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया ने स्वास्थ्य शिविर में HPV वैक्सीन शिविर का किया उद्घाटन     🔴 राजस्थान चैप्टर तकनीकी शिक्षा में खोलेगा नवीन संभावनाओं के द्वार : डॉ अंशु कटारिया, नेशनल प्रेसिडेंट     🔴 दिल्ली पुलिस / क्राइम एवं जी जी आई पी यूनिवर्सिटीकी प्रधान भागीदारी के साथ ड्रग्स सेवन उन्मूलन पर हुईराष्ट्रीय प्रतियोगिता : विजय गौड़ अध्यक्ष भागीदारीजेएसएस    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

पन्ना जंगल कटाई के 3 साल बाद NBWL ने दुर्गावती टाइगर रिज़र्व में 272 हेक्टेयर सिंचाई प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी

Environment   •   👁 33 views   •   06 Feb 2026
पन्ना जंगल कटाई के 3 साल बाद NBWL ने दुर्गावती टाइगर रिज़र्व में 272 हेक्टेयर सिंचाई प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी
पन्ना (मध्य प्रदेश): पन्ना जिले में जंगल की कटाई के प्रभाव की भरपाई के लिए नोटिफिकेशन जारी होने के तीन साल बाद, राष्ट्रीय वन्यजीवन बोर्ड (NBWL) ने दुर्गावती टाइगर रिज़र्व में 272 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह कदम स्थानीय प्रशासन और कृषि विकास की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
NBWL पैनल ने परियोजना को जंगल और बाघ संरक्षण के दृष्टिकोण से आवश्यक शर्तों और पर्यावरणीय जांच के बाद मंजूरी दी है। अधिकारियों का कहना है कि सिंचाई प्रोजेक्ट का उद्देश्य स्थानीय किसानों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ाना है, लेकिन इसे ऐसे तरीके से लागू किया जाएगा जिससे वन्यजीवन और टाइगर रिज़र्व के पारिस्थितिकी तंत्र पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल कटाई के बाद की भरपाई और वन्यजीवन संरक्षण के बीच संतुलन बनाना एक जटिल चुनौती है। NBWL की मंजूरी यह संकेत देती है कि पर्यावरणीय संरक्षण और विकास परियोजनाओं के लिए सख्त पर्यावरणीय शर्तों के साथ समझौता किया जा सकता है।
दुर्गावती टाइगर रिज़र्व मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण बाघ संवर्धन क्षेत्रों में आता है। इस क्षेत्र में किसी भी परियोजना के लिए सख्त पर्यावरणीय मंजूरी और शर्तें अनिवार्य हैं, ताकि वन्यजीवन और प्राकृतिक आवास सुरक्षित रह सकें।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि परियोजना जल्द ही लागू की जाएगी और इसके प्रभावों की निगरानी और रिपोर्टिंग नियमित रूप से NBWL को भेजी जाएगी। यह कदम राज्य में सतत विकास और वन्यजीवन संरक्षण के बीच सामंजस्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।