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‘भारत से उम्मीद: इजरायल‑फिलिस्तीन विवाद में पुल का काम करे इंडिया’ — फिलिस्तीनी विदेश मंत्री की अपील

National  •  👁 16 views  •  31 Jan 2026
‘भारत से उम्मीद: इजरायल‑फिलिस्तीन विवाद में पुल का काम करे इंडिया’ — फिलिस्तीनी विदेश मंत्री की अपील
नई दिल्ली: इजरायल‑फिलिस्तीन संघर्ष के बीच, फिलिस्तीन की विदेश मंत्री वारसेन अघाबेकियन शाहीन ने भारत से कहा है कि वह दोनों पक्षों के बीच शांति स्थापित करने में ‘पुल’ (bridge) की भूमिका निभा सकता है। यह बात उन्होंने भारत‑अरब विदेश मंत्रियों की बैठक के अवसर पर बातचीत में कही।
शाहीन ने भारत के वैर-balanced और समृद्ध द्विपक्षीय संबंध का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत एक ऐसे देश के रूप में पहचाना जाता है जो इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ दोस्ताना संबंध रखता है, और इसी वजह से वह क्षेत्र में स्थायी समाधान की ओर बढ़ने में मददगार मध्यस्थ बन सकता है।* उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून और एक दो‑राष्ट्र समाधान (two‑state solution) के सिद्धांतों का समर्थन करता है, और इसी अप्रोच से वह शांति प्रयासों को आगे बढ़ा सकता है। ([turn0news2]
भारत की कूटनीति की वैश्विक भूमिका और संतुलित रुख पर शाहीन ने भरोसा जताया कि यह युद्ध का युग नहीं, बल्कि कूटनीति और बातचीत का समय है, और भारत इजरायल‑फिलिस्तीन दोनों को शामिल करते हुए बातचीत के लिए एक सुरक्षित मंच प्रदान कर सकता है। ऐसा करने से, उनका मानना है, घृणा और हिंसा की बजाय समाधान की दिशा में सार्थक प्रगति हो सकती है।
शाहीन की यह अपील ऐसे समय में आई है जब भारत में आयोजित दूसरी भारत‑अरब विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है, जिसमें मध्य पूर्व के शांतिपूर्ण समाधान पर चर्चा और सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिशें चल रही हैं। भारत की विदेश नीति दोस्ताना संवाद, मानवीय सहायता और शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित रही है, और इस दृष्टिकोण को फिलिस्तीनी नेतृत्व ने विश्वसनीय माना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत पहले भी बीच के संवाद का समर्थन करता आया है और संयुक्त राष्ट्र स्तर पर दो‑राष्ट्र समाधान की बात भी दोहराता रहा है, जिसे स्थायी शांति की दिशा में सबसे व्यवहारिक रास्ता माना जाता है।
इसलिए फिलिस्तीनी अपील यह संकेत देती है कि दिल्ली की मध्यस्थता की भूमिका अब और अधिक प्रासंगिक हो सकती है, खासकर जब मौजूदा संघर्ष में दोनों पक्षों के बीच विश्वास निर्माण और राजनीतिक समाधान के प्रयास ज़रूरी हैं।