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बिहार की तेज़ रफ्तार: भारत की GDP ग्रोथ से आगे निकला राज्य, मैन्युफैक्चरिंग बूम से अर्थव्यवस्था 9.9 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची

Economy   •   👁 31 views   •   03 Feb 2026
बिहार की तेज़ रफ्तार: भारत की GDP ग्रोथ से आगे निकला राज्य, मैन्युफैक्चरिंग बूम से अर्थव्यवस्था 9.9 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची
बिहार की अर्थव्यवस्था ने एक अहम उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय औसत से तेज़ विकास दर्ज किया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, बिहार की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वृद्धि दर ने भारत की कुल GDP ग्रोथ को पीछे छोड़ दिया है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई तेज़ी के चलते राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार रिकॉर्ड 9.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में उद्योग और विनिर्माण गतिविधियों में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, लेदर और छोटे-मझोले उद्योगों में निवेश बढ़ा है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का भी सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।
बिजली आपूर्ति में सुधार, बेहतर सड़क नेटवर्क और औद्योगिक क्लस्टर्स के विकास ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती दी है। इसके अलावा, “मेक इन बिहार” जैसी पहल और निवेश प्रोत्साहन योजनाओं ने निजी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। नतीजतन, राज्य की विकास दर देश के औसत से तेज़ रही है।
कृषि प्रधान राज्य होने के बावजूद बिहार अब धीरे-धीरे इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग का GDP में बढ़ता योगदान राज्य की अर्थव्यवस्था को ज्यादा स्थिर और विविध बना रहा है। इससे बिहार की लंबे समय से चली आ रही ‘पिछड़े राज्य’ की छवि को भी चुनौती मिल रही है।
हालांकि, चुनौतियां अभी बाकी हैं। प्रति व्यक्ति आय, कौशल विकास और बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश जैसे क्षेत्रों में सुधार की जरूरत बनी हुई है। इसके बावजूद, 9.9 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय औसत से बेहतर ग्रोथ यह संकेत देती है कि बिहार विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि राज्य के लिए न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।