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राज्यसभा में भावुक क्षण: टेबल पर नकली अंग रखकर सदानंदन मास्टर ने 1994 के हमले को लेकर CPM पर साधा निशाना

Politics  •  👁 19 views  •  03 Feb 2026
राज्यसभा में भावुक क्षण: टेबल पर नकली अंग रखकर सदानंदन मास्टर ने 1994 के हमले को लेकर CPM पर साधा निशाना
राज्यसभा में उस समय भावनात्मक और राजनीतिक माहौल गरमा गया जब भाजपा सांसद सदानंदन मास्टर ने 1994 में हुए हमले का मुद्दा उठाते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी CPM पर तीखा हमला बोला। अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखने के लिए उन्होंने सदन की टेबल पर अपना नकली अंग (कृत्रिम पैर) रख दिया, जिससे पूरा सदन कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गया।
सदानंदन मास्टर ने बताया कि वर्ष 1994 में केरल में हुए एक राजनीतिक हमले में उनका पैर काटना पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते हुआ और इसके पीछे वामपंथी कार्यकर्ताओं की भूमिका थी। उन्होंने कहा कि आज भी कई राजनीतिक हिंसा के पीड़ित न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन दोषियों को सजा नहीं मिल पाई है।
भाजपा सांसद ने कहा कि राजनीतिक हिंसा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने CPM पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी सार्वजनिक रूप से अहिंसा की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा को बढ़ावा दिया जाता है। सदानंदन मास्टर का कहना था कि उनकी व्यक्तिगत पीड़ा केवल एक उदाहरण है, ऐसे कई लोग हैं जिनकी ज़िंदगी राजनीतिक हिंसा की भेंट चढ़ चुकी है।
उनके इस कदम पर सदन में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां भाजपा सांसदों ने इसे साहसिक और सच्चाई को उजागर करने वाला कदम बताया, वहीं वाम दलों ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित करार देते हुए खारिज कर दिया। सभापति ने सदन में संयम बनाए रखने की अपील की।
यह घटना राजनीतिक हिंसा और जवाबदेही पर एक बार फिर बहस का केंद्र बन गई है। सदानंदन मास्टर का यह प्रतीकात्मक विरोध न केवल उनके निजी संघर्ष को दर्शाता है, बल्कि भारतीय राजनीति में हिंसा के मुद्दे को भी गंभीरता से सामने लाता है, जिस पर व्यापक और निष्पक्ष चर्चा की जरूरत महसूस की जा रही है।