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“सभी सेक्टर में इंफ्रा प्रोजेक्ट्स चाहिए और प्राइवेट फाइनेंस को बढ़ावा”: MoF के एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी वुमलुनमांग वुअलनाम का बड़ा बयान

law  •  👁 10 views  •  03 Feb 2026
“सभी सेक्टर में इंफ्रा प्रोजेक्ट्स चाहिए और प्राइवेट फाइनेंस को बढ़ावा”: MoF के एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी वुमलुनमांग वुअलनाम का बड़ा बयान
वित्त मंत्रालय (MoF) के एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी वुमलुनमांग वुअलनाम ने देश में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ावा देने के लिए अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत चाहते हैं कि सभी प्रमुख सेक्टर—सड़क, रेलवे, पोर्ट, ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर—में बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट्स शुरू हों। इसके साथ ही उन्होंने निजी वित्त (Private Finance) की भागीदारी को बढ़ाने पर भी जोर दिया।
वुमलुनमांग वुअलनाम ने स्पष्ट किया कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश को केवल सार्वजनिक संसाधनों तक सीमित नहीं रखना चाहती। उनका कहना है कि प्राइवेट फाइनेंस, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) और निवेशकों की भागीदारी से बड़ी परियोजनाओं को तेज़ी से और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा, इससे आर्थिक विकास को स्थायी और रोजगार सृजन की दिशा में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नए नियम और प्रोत्साहन प्रदान कर रही है ताकि निजी कंपनियां निवेश में शामिल हों और जोखिम कम महसूस करें। विशेष रूप से, ऊर्जा, स्मार्ट सिटी, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में प्राइवेट निवेश को आकर्षक बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त मंत्रालय का यह रुख भारत के आर्थिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की रणनीति को दर्शाता है। देश में लंबित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की संख्या और उनकी लागत को देखते हुए प्राइवेट निवेश आवश्यक हो गया है।
वुमलुनमांग वुअलनाम का यह बयान स्पष्ट संदेश देता है कि भारत की सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को तेजी से बढ़ाने और देश की आर्थिक गति को और मजबूती देने के लिए प्राइवेट फाइनेंस को प्रमुख भूमिका देने की दिशा में काम कर रही है। इससे न केवल निवेशकों के लिए अवसर बढ़ेंगे बल्कि व्यापक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।