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माइकल एथरटन की चेतावनी: ‘पाकिस्तान का यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट को कमजोर कर सकता है, फ्रेंचाइजी क्रिकेट हो रहा है मजबूत’

Sports  •  👁 19 views  •  03 Feb 2026
माइकल एथरटन की चेतावनी: ‘पाकिस्तान का यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट को कमजोर कर सकता है, फ्रेंचाइजी क्रिकेट हो रहा है मजबूत’
पूर्व इंग्लिश कप्तान और क्रिकेट विश्लेषक माइकल एथरटन ने पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े एक अहम फैसले पर गंभीर चिंता जताई है। एथरटन का कहना है कि पाकिस्तान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को “तोड़ और कमजोर” कर सकता है, खासकर ऐसे दौर में जब फ्रेंचाइजी क्रिकेट लगातार आगे बढ़ रहा है और अधिक ताकतवर बनता जा रहा है।
एथरटन के मुताबिक, विश्व क्रिकेट पहले ही एक नाजुक संतुलन से गुजर रहा है। एक तरफ द्विपक्षीय सीरीज़ और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स हैं, जो क्रिकेट की पारंपरिक पहचान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर टी20 लीग्स और फ्रेंचाइजी क्रिकेट का तेज़ विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई बड़ा क्रिकेट बोर्ड अपने फैसलों से अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और प्रतिबद्धताओं को कमजोर करता है, तो इसका असर पूरे खेल पर पड़ेगा।

उन्होंने विशेष तौर पर यह बात कही कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट, जैसे टी20 लीग्स, खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा और वैश्विक मंच दे रहा है। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की संरचना और प्राथमिकता कमजोर होती है, तो खिलाड़ी स्वाभाविक रूप से फ्रेंचाइजी क्रिकेट की ओर झुकेंगे। एथरटन के अनुसार, यह रुझान पहले से ही दिखाई दे रहा है और ऐसे फैसले इसे और तेज़ कर सकते हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह फैसला केवल एक देश तक सीमित नहीं रहेगा। इससे आईसीसी के इवेंट्स, द्विपक्षीय सीरीज़ और क्रिकेट बोर्ड्स के बीच सहयोग पर भी असर पड़ सकता है। अगर हर बोर्ड अपने हितों को प्राथमिकता देने लगे, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का ढांचा बिखरने का खतरा है।
एथरटन ने यह भी कहा कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट बुरा नहीं है, लेकिन संतुलन बनाए रखना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही खेल की आत्मा है, जो खिलाड़ियों को पहचान और देशों को गौरव देता है। उनका मानना है कि पाकिस्तान समेत सभी क्रिकेट बोर्ड्स को ऐसे फैसले लेने से पहले वैश्विक क्रिकेट पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।