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‘सिर्फ 2-4-5 मौतें’: कफ सिरप से हुई मौतों पर राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री का बयान, ‘लापरवाह माता-पिता’ को ठहराया ज़िम्मेदार

Politics  •  👁 20 views  •  03 Feb 2026
‘सिर्फ 2-4-5 मौतें’: कफ सिरप से हुई मौतों पर राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री का बयान, ‘लापरवाह माता-पिता’ को ठहराया ज़िम्मेदार
राजस्थान में कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का बयान विवादों में आ गया है। मंत्री ने मौतों की संख्या को कमतर आंकते हुए कहा कि यह “सिर्फ 2-4-5 मौतें” हैं और इसके लिए सरकार से ज़्यादा “लापरवाह माता-पिता” को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि सरकार बच्चों की मौत जैसे गंभीर मामले को हल्के में ले रही है और जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि किसी भी संख्या में बच्चों की मौत को “सिर्फ” कहकर टालना अमानवीय और असंवेदनशील है।
मामला कथित तौर पर दूषित या नकली कफ सिरप से जुड़ा है, जिसके सेवन के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ी और कुछ की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित दवा कंपनियों व सप्लाई चेन की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, अभी तक जांच की प्रगति और जिम्मेदारी तय करने को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।मंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि माता-पिता को बच्चों को दवा देने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं नहीं देनी चाहिए। लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह तर्क सरकार और स्वास्थ्य तंत्र की जिम्मेदारी को कम नहीं करता। दवाओं की गुणवत्ता, निगरानी और बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य का दायित्व है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में जवाबदेही तय करना और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है। बच्चों की मौत केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का संकेत होती है। यह मामला न केवल दवा नियमन, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और राजनीतिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।