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‘18 महीने लंबी लड़ाई’: सेलिना जेटली ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर तोड़ी चुप्पी, दुबई में हिरासत में लिए गए भाई को कानूनी राहत

law  •  👁 10 views  •  04 Feb 2026
‘18 महीने लंबी लड़ाई’: सेलिना जेटली ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर तोड़ी चुप्पी, दुबई में हिरासत में लिए गए भाई को कानूनी राहत
अभिनेत्री सेलिना जेटली ने दिल्ली हाई कोर्ट के हालिया आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें भारतीय वकीलों को दुबई में हिरासत में लिए गए उनके भाई का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति दी गई है। सेलिना ने इस फैसले को “18 महीने लंबी, थकाऊ और भावनात्मक लड़ाई” का अहम पड़ाव बताया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रियाओं और मानवीय आधारों को ध्यान में रखते हुए, याचिकाकर्ता के वकीलों को दुबई में चल रही कानूनी कार्यवाही में प्रतिनिधित्व की अनुमति दी जानी चाहिए। यह आदेश ऐसे समय आया है जब सेलिना जेटली लगातार अपने भाई की हिरासत और कानूनी अधिकारों को लेकर आवाज़ उठाती रही हैं।
सेलिना ने कहा कि यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि एक परिवार के लिए इंसाफ और गरिमा की लड़ाई है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल से उनका परिवार मानसिक तनाव, अनिश्चितता और कानूनी जटिलताओं से जूझ रहा है। अभिनेत्री के मुताबिक, भारतीय अदालत का यह फैसला उनके लिए उम्मीद की किरण है।
याचिका में यह दलील दी गई थी कि दुबई में हिरासत में लिए गए व्यक्ति को निष्पक्ष कानूनी प्रतिनिधित्व का अधिकार मिलना चाहिए और भारतीय नागरिक होने के नाते उसे कांसुलर और कानूनी सहायता से वंचित नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट के आदेश को विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सहयोग और प्रवासी भारतीयों के अधिकारों के संदर्भ में अहम है। वहीं, सेलिना जेटली ने उम्मीद जताई है कि अब उनके भाई के मामले में निष्पक्ष और तेज़ सुनवाई का रास्ता खुलेगा।
यह मामला दिखाता है कि जब कानूनी लड़ाई सीमाओं के पार चली जाती है, तब परिवार, कानून और कूटनीति — तीनों की भूमिका कितनी अहम हो जाती है।