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DGP नियुक्तियों में देरी पर सख्त SC: UPSC को राज्यों को रिमाइंडर भेजने और अवमानना कार्यवाही शुरू करने का निर्देश

National  •  👁 10 views  •  05 Feb 2026
DGP नियुक्तियों में देरी पर सख्त SC: UPSC को राज्यों को रिमाइंडर भेजने और अवमानना कार्यवाही शुरू करने का निर्देश
पुलिस सुधारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति में लगातार हो रही देरी पर नाराज़गी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) को निर्देश दिया है कि वह संबंधित राज्यों को रिमाइंडर भेजे और जरूरत पड़ने पर अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की प्रक्रिया अपनाए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके पूर्व के आदेशों के बावजूद कई राज्य सरकारें अब तक तय प्रक्रिया के अनुसार DGP की नियुक्ति नहीं कर रही हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह रवैया न सिर्फ न्यायिक आदेशों की अवहेलना है, बल्कि इससे पुलिस की स्वतंत्रता और कार्यकुशलता भी प्रभावित होती है।
कोर्ट ने याद दिलाया कि वर्ष 2006 के ऐतिहासिक फैसले में DGP की नियुक्ति के लिए UPSC द्वारा तैयार किए गए पैनल से ही चयन अनिवार्य किया गया था, ताकि राजनीतिक हस्तक्षेप कम हो और पुलिस प्रशासन निष्पक्ष रूप से काम कर सके। इसके बावजूद कई राज्यों में या तो कार्यवाहक DGP नियुक्त किए जा रहे हैं या फिर प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से टाला जा रहा है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UPSC से कहा कि वह उन राज्यों की सूची तैयार करे जो आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं और उन्हें औपचारिक नोटिस जारी करे। यदि इसके बाद भी सुधार नहीं होता, तो अवमानना याचिका दायर करने पर विचार किया जाए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्देश केंद्र और राज्यों दोनों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि पुलिस सुधार अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी हैं। DGP की समय पर और सही प्रक्रिया से नियुक्ति से न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पुलिस बल का मनोबल भी बढ़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट का यह रुख दर्शाता है कि वह पुलिस सुधारों को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आने वाले समय में इस निर्देश का राज्यों की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गहरा असर पड़ सकता है।