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कुकी-ज़ो संगठन का बड़ा फैसला: मणिपुर सरकार में शामिल होने वाले विधायकों के सामाजिक बहिष्कार का ऐलान

National  •  👁 9 views  •  05 Feb 2026
कुकी-ज़ो संगठन का बड़ा फैसला: मणिपुर सरकार में शामिल होने वाले विधायकों के सामाजिक बहिष्कार का ऐलान
मणिपुर में जारी राजनीतिक और सामाजिक तनाव के बीच एक प्रभावशाली कुकी-ज़ो नागरिक संगठन ने बड़ा और विवादास्पद फैसला लिया है। संगठन ने घोषणा की है कि यदि समुदाय से जुड़े कोई भी विधायक मणिपुर सरकार में शामिल होते हैं, तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
संगठन का कहना है कि मौजूदा हालात में सरकार में शामिल होना समुदाय की सामूहिक भावना और मांगों के खिलाफ होगा। कुकी-ज़ो संगठन का आरोप है कि राज्य में जारी हिंसा और अस्थिरता के दौरान उनकी चिंताओं और सुरक्षा को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार का हिस्सा बनना नैतिक रूप से अस्वीकार्य माना जाएगा।
घोषणा के अनुसार, सामाजिक बहिष्कार का अर्थ होगा—समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों, सामाजिक समारोहों और पारंपरिक गतिविधियों से दूरी। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला दबाव बनाने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि समुदाय की राजनीतिक आवाज़ को कमजोर न किया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम मणिपुर की पहले से जटिल स्थिति को और कठिन बना सकता है। एक ओर सरकार राज्य में स्थिरता बहाल करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर समुदाय आधारित संगठनों के ऐसे फैसले राजनीतिक संवाद के रास्ते संकरे कर सकते हैं।
विधायकों की ओर से अभी इस घोषणा पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कुछ जनप्रतिनिधि इस फैसले को लेकर असमंजस में हैं—एक तरफ शासन में भागीदारी की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर समुदाय का दबाव।
मानवाधिकार और शांति से जुड़े संगठनों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामाजिक बहिष्कार जैसे कदम दीर्घकालिक समाधान नहीं होते, बल्कि बातचीत और विश्वास बहाली ही स्थायी शांति का रास्ता है।
मणिपुर की स्थिति पर देशभर की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह फैसला राज्य की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने को किस दिशा में ले जाता है।