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कश्मीर में ठंड का प्रकोप बढ़ा; कई जलाशयों के किनारे जम गए।

Nature  •  👁 13 views  •  08 Jan 2026
कश्मीर में ठंड का प्रकोप बढ़ा; कई जलाशयों के किनारे जम गए।
कश्मीर घाटी में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान में तेज गिरावट के चलते घाटी के कई इलाकों में जलाशयों, झीलों और नदियों के किनारे जम गए हैं। कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है और लोग भीषण सर्दी से बचने के लिए घरों में दुबकने को मजबूर हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है।
श्रीनगर सहित घाटी के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान शून्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। डल झील, निगीन झील और अन्य छोटे जलाशयों के किनारों पर बर्फ की परत जमने लगी है, जो कश्मीर में सर्दियों की तीव्रता को दर्शाती है। ग्रामीण इलाकों में जल आपूर्ति लाइनों के जमने से लोगों को पानी की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है।
इस समय कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ का दौर चल रहा है, जिसे साल का सबसे ठंडा 40 दिनों का समय माना जाता है। इस अवधि में तापमान अक्सर रिकॉर्ड स्तर तक गिर जाता है। ठंड के कारण स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है और कई इलाकों में दैनिक गतिविधियां सीमित हो गई हैं। सड़क परिवहन भी प्रभावित हुआ है, खासकर सुबह और रात के समय पाला जमने से फिसलन बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है, क्योंकि अत्यधिक ठंड से सांस संबंधी और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने भी ठंड से निपटने के लिए इंतजाम तेज कर दिए हैं और जरूरतमंद लोगों के लिए राहत केंद्र सक्रिय किए गए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले कुछ दिनों तक कश्मीर में शीतलहर जैसी स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि, बर्फ से ढकी झीलें और जमी हुई वादियां कश्मीर की खूबसूरती को भी बढ़ा रही हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। फिर भी, भीषण ठंड ने घाटी में आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।