The Current Scenario
--:--:-- | Loading...
🔴 माता सुंदरी महिला महाविद्यालय में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ‘सारंग 2026’ का सफल आयोजन     🔴 Spoton Global Group के भव्य समारोह में 100+ छात्राओं का सम्मान, ‘आत्मनिर्भर महिला’ अभियान को मिली नई दिशा     🔴 दिल्लीफार्मास्युटिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमियों हेतुउद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित     🔴 विश्वविद्यालय का उद्देश्य खिलाड़ियों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है : अशोक कुमार कुलपति     🔴 दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की पहल: डिजिटल लोक अदालत से ट्रैफिक चालान निस्तारण हुआ आसान और पारदर्शी     🔴 एकंगरसराय में दर्दनाक हादसा: रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक की मौत     🔴 इस्लामपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: विशेष अभियान में दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए     🔴 वैलेंटाइन डे विवाद: युवक-युवती को अलग कर हाथ में थमाई हनुमान चालीसा, तस्वीर वायरल     🔴 बिहार के नालंदा में युवक की आत्महत्या: दीपनगर इलाके से दुखद घटना     🔴 दिल्ली में वैलेंटाइन डे पर सनसनी: विश्वास नगर के संतोष रेजिडेंसी होटल से युवती ने लगाई छलांग, हालत स्थिर    
accident Airlines Animals Business Crime Economy Education Entertainment Environment Festival Health Inspection International law Local National Nature Politics Research social Social media Sports Technology walfare Weather

NEET-PG सीटों में कोटा के गलत इस्तेमाल का आरोप? छात्रों के बौद्ध धर्म अपनाने पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा से रिपोर्ट मांगी

Education  •  👁 19 views  •  28 Jan 2026
NEET-PG सीटों में कोटा के गलत इस्तेमाल का आरोप? छात्रों के बौद्ध धर्म अपनाने पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा से रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने NEET-PG सीटों में आरक्षण के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़े एक गंभीर मामले में हरियाणा सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मामला उन छात्रों से जुड़ा है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने आरक्षित श्रेणी का लाभ लेने के लिए बौद्ध धर्म अपनाया।
शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे को संवेदनशील बताते हुए कहा कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है, न कि इसका दुरुपयोग। कोर्ट ने हरियाणा सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि संबंधित छात्रों ने कब और किन परिस्थितियों में धर्म परिवर्तन किया, और क्या यह प्रक्रिया कानूनी व वैधानिक मानकों के अनुरूप थी।
याचिका में दावा किया गया है कि कुछ उम्मीदवारों ने NEET-PG में अनुसूचित जाति (SC) कोटे का लाभ लेने के लिए बौद्ध धर्म अपनाया, जबकि उनका सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन उस श्रेणी के अनुरूप नहीं था। याचिकाकर्ता का कहना है कि इससे वास्तविक रूप से पात्र छात्रों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि धर्म परिवर्तन अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन यदि इसका उद्देश्य आरक्षण व्यवस्था का दुरुपयोग करना हो, तो यह गंभीर संवैधानिक सवाल खड़े करता है। अदालत ने कहा कि इस मामले में तथ्यों की गहराई से जांच जरूरी है।
शिक्षा विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह कदम आरक्षण नीति की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे भविष्य में मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कोटा सिस्टम के दुरुपयोग पर लगाम लग सकती है।
अब सभी की नजरें हरियाणा सरकार की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट आगे की कार्रवाई और दिशा तय करेगा।