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TISS में कैंपस पॉलिटिक्स पर बड़ा बदलाव: स्टूडेंट्स यूनियन हटाई गई, नई काउंसिल बनी, अहम प्रशासनिक निकायों से छात्र प्रतिनिधि बाहर

Education  •  👁 19 views  •  31 Jan 2026
TISS में कैंपस पॉलिटिक्स पर बड़ा बदलाव: स्टूडेंट्स यूनियन हटाई गई, नई काउंसिल बनी, अहम प्रशासनिक निकायों से छात्र प्रतिनिधि बाहर
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ (TISS) ने अपने कैंपस पॉलिटिक्स और छात्र प्रतिनिधित्व से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत स्टूडेंट्स यूनियन को खत्म कर उसकी जगह स्टूडेंट काउंसिल बनाई गई है। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निकायों से छात्र प्रतिनिधियों को भी हटा दिया गया है, जिससे संस्थान में छात्र राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है।
TISS प्रशासन के अनुसार, यह फैसला अकादमिक माहौल को बेहतर बनाने और कैंपस में “राजनीतिक ध्रुवीकरण” को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। नए ढांचे में स्टूडेंट काउंसिल को प्रशासन के साथ समन्वय करने वाली संस्था के रूप में देखा जा रहा है, न कि एक स्वतंत्र राजनीतिक इकाई के रूप में।
हालांकि, छात्रों और पूर्व छात्र संगठनों ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि स्टूडेंट्स यूनियन सिर्फ राजनीति का मंच नहीं थी, बल्कि यह छात्रों की आवाज़ को प्रशासन तक पहुंचाने का एक लोकतांत्रिक माध्यम भी थी। अहम अकादमिक और प्रशासनिक समितियों से छात्र प्रतिनिधियों को हटाने को वे छात्र भागीदारी में कटौती के रूप में देख रहे हैं।
छात्रों का तर्क है कि TISS जैसे संस्थान में, जो सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर ज़ोर देता है, वहां छात्र प्रतिनिधित्व को कमजोर करना संस्थान की मूल भावना के खिलाफ है। कई छात्रों ने इसे कैंपस में असहमति और आलोचनात्मक सोच को सीमित करने की कोशिश बताया है।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि छात्रों की भागीदारी पूरी तरह खत्म नहीं की गई है, बल्कि उसे एक नए और “संरचित” तरीके से शामिल किया गया है। उनका दावा है कि स्टूडेंट काउंसिल छात्रों की समस्याओं को उठाने और संवाद बनाए रखने का काम करेगी।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब देशभर के कई शैक्षणिक संस्थानों में कैंपस पॉलिटिक्स और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर बहस चल रही है। TISS का यह कदम आने वाले दिनों में अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।